रामगढ़ में रांची रोड स्थित वृंदावन अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर में शिशुओं की खरीद बिक्री का मामला सामने आया है। पुलिस ने बुधवार रात को अस्पताल से दो नवजातों को बरामद किया। दोनों नवजात को 15-15 हजार रुपये में कोलकाता से खरीद कर वृंदावन अस्पताल लाया गया था। दोनों को 40 हजार रुपये की दर से बेचने की तैयारी थी। इसकी गुप्त सूचना जिला बाल कल्याण समिति को मिली। जिसके बाद समिति ने पुलिस के सहयोग से अस्पताल में छापेमारी कर दोनों शिशुओं को बरामद किया। फिलहाल दोनों नवजातों को हजारीबाग के वात्सल्य गृह में रखा गया है।
वृंदावन अस्पताल की संचालिका डॉक्टर मालती पर नवजातों की खरीद बिक्री का आरोप लगा है। डॉक्टर मालती जिले की प्रसिद्ध डॉक्टर हैं। बुधवार रात को जब बाल कल्याण समिति के सदस्य वृंदावन अस्पताल पहुंची और नवजातों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, तो डॉक्टर, दाई और नर्स ने अलग-अलग बयान दिए।
डॉक्टर मालती का कहना था कि वह दोनों नवजात को गोद लेना चाहती हैं। जबकि दाई का कहना था कि दोनों उसी के बच्चे हैं, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो अस्पताल में शिशुओं के खरीद- फरोख्त का बड़ा मामला सामने आया। पूछताछ में ये पता चला कि कोलकाता और आसपास के राज्यों से 15 से 20 हजार में शिशुओं को खरीद कर वृंदावन अस्पताल लाया जाता था और चार- चार लाख रुपये तक में बेचे जाते थे।

