ईद-उल-अज़हा जिसका मतलब क़ुरबानी की ईद इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है। ईद-ए-कुर्बां का मतलब है बलिदान की भावना तुम अपने अल्लाह के लिए नमाज़ पढ़ो और कुर्बानी करो ईद-उल-अज़हा पर भी गरीबों का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस दिन कुर्बानी के सामान के तीन हिस्से किए जाते हैं। इन तीनों हिस्सों में से एक हिस्सा खुद के लिए और शेष दो हिस्से समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों का बांटा दिया जाता है।
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे जांजगीर चाम्पा जिलाध्यक्ष तनवीर आलम ने प्रदेश वासियो को ईद उल अज़हा की बधाई दी उन्होंने प्रदेश की तरक्की और खुशहाली की दुआ की

