*परीक्षा पे चर्चा 2026: शत-प्रतिशत पंजीयन के लिए डीईओ रमेश कुमार निषाद ने शुरू कराया घर-घर संपर्क अभियान*

*परीक्षा पे चर्चा 2026: शत-प्रतिशत पंजीयन के लिए डीईओ रमेश कुमार निषाद ने शुरू कराया घर-घर संपर्क अभियान*


*शिक्षा विभाग मिशन मोड में: कांकेर जिले में परीक्षा पे चर्चा 2026 हेतु विशेष पंजीयन अभियान*
*कोई भी पात्र न रहे वंचित: जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद के निर्देश पर विशेष अभियान*
कांकेर, 31 दिसंबर 2025।जिले में परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। यह अभियान 31 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। इसके तहत “घर-घर चलें, संपर्क करें, पंजीयन करें” की रणनीति अपनाई जाएगी।जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, संकुल प्राचार्य एवं सीएसी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले की कुल पंजीयन प्रगति संतोषजनक है, किंतु लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पंजीयन के लिए अतिरिक्त प्रयास आवश्यक हैं। कुछ विद्यालयों में अभी भी पंजीयन लक्ष्य के विरुद्ध प्रविष्टियाँ लंबित हैं, जिन्हें विशेष अभियान के माध्यम से पूर्ण करना अनिवार्य है।निर्देशानुसार संस्था प्रमुख (प्रधान अध्यापक/प्राचार्य) शाला स्तर पर शेष विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सूची तैयार कर विशेष पंजीयन अभियान चलाएंगे। साथ ही पालकों के पंजीयन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा SMC/SMDC सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। पंजीयन की प्रगति की दैनिक समीक्षा कर संकुल एवं बीआरसी को प्रतिवेदन भेजना भी अनिवार्य किया गया है। यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र विद्यार्थी, शिक्षक या पालक पंजीयन से वंचित न रहे।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 10 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के पालकों से घर-घर संपर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे पालकों को परीक्षा पे चर्चा 2026 के उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी देंगे तथा मोबाइल या शाला के माध्यम से पंजीयन कराने में सहयोग करेंगे। प्रतिदिन संपर्क किए गए पालकों की संक्षिप्त जानकारी संस्था प्रमुख को उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है।SMC/SMDC के अध्यक्ष एवं सदस्य ग्राम अथवा वार्ड स्तर पर पालकों से व्यक्तिगत संपर्क कर सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। विद्यालय एवं आंगनबाड़ी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर घर-घर संपर्क अभियान को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। शेष पालकों की पहचान कर उनकी जानकारी संस्था प्रमुख तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी समितियों को सौंपी गई है।विशेष निर्देशों में कहा गया है कि अभियान की नियमित मॉनिटरिंग संकुल प्राचार्य, बीआरसी एवं बीईओ स्तर पर की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों को राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण संवाद से जोड़ने का अवसर है।अंत में डीईओ रमेश कुमार निषाद ने सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं समितियों से निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए परीक्षा पे चर्चा 2026 के पंजीयन को शत-प्रतिशत पूर्ण कराने की अपील की है। यह अभियान जिले में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सहभागिता को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

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