रायपुर, छत्तीसगढ़
दिनांक: 29 अक्टूबर 2025
“बचपन को नशे से नहीं, शिक्षा से जोड़िए” – प्रदुमन शर्मा
रायपुर। नाबालिग बच्चों को खुलेआम गुटखा, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग, छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने रायपुर कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने बताया कि रायपुर शहर के अनेक क्षेत्रों में पान ठेलों, गुमटियों और बड़े पान पैलेसों पर नाबालिग बच्चों को बिना किसी रोक-टोक के तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं, जो न केवल तंबाकू नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि समाज के नैतिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है।
शर्मा ने कहा —
“नशे की गिरफ्त में जा रहे हमारे बच्चे समाज के भविष्य हैं। आज जो गुटखा-सिगरेट बेचने वाले बिना भय के कानून तोड़ रहे हैं, वे कल हमारे शहर की पीढ़ी को अंधकार में धकेल देंगे। इस पर तुरंत और कठोर कार्रवाई जरूरी है।”
उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि —1.नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की जाए। 2.पुलिस, खाद्य सुरक्षा, नगर निगम और शिक्षा विभाग का संयुक्त अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले विक्रेताओं की पहचान की जाए।3.विद्यालयों के आसपास स्थित पान-गुटखा दुकानों की जांच कर उनके लाइसेंस रद्द किए जाएँ।4.विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया जाए कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें।5.नागरिकों और अभिभावकों के बीच जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर नाबालिग बच्चों के गुटखा या सिगरेट पीते हुए वीडियो और हथियारों का प्रदर्शन जैसी प्रवृत्तियाँ बेहद चिंताजनक हैं और यह समाज में बढ़ते नैतिक पतन का संकेत है।
अंत में शर्मा ने कहा कि —“यदि इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर कठोर व सतत कार्रवाई की जाती है, तो रायपुर शहर बच्चों को नशे की लत से मुक्त कराने वाला एक आदर्श उदाहरण बन सकता है।”
“बचपन को नशे से नहीं, शिक्षा से जोड़िए” – प्रदुमन शर्मा
रायपुर। नाबालिग बच्चों को खुलेआम गुटखा, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग, छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने रायपुर कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने बताया कि रायपुर शहर के अनेक क्षेत्रों में पान ठेलों, गुमटियों और बड़े पान पैलेसों पर नाबालिग बच्चों को बिना किसी रोक-टोक के तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं, जो न केवल तंबाकू नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि समाज के नैतिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है।
शर्मा ने कहा —
“नशे की गिरफ्त में जा रहे हमारे बच्चे समाज के भविष्य हैं। आज जो गुटखा-सिगरेट बेचने वाले बिना भय के कानून तोड़ रहे हैं, वे कल हमारे शहर की पीढ़ी को अंधकार में धकेल देंगे। इस पर तुरंत और कठोर कार्रवाई जरूरी है।”
उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि —1.नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की जाए। 2.पुलिस, खाद्य सुरक्षा, नगर निगम और शिक्षा विभाग का संयुक्त अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले विक्रेताओं की पहचान की जाए।3.विद्यालयों के आसपास स्थित पान-गुटखा दुकानों की जांच कर उनके लाइसेंस रद्द किए जाएँ।4.विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया जाए कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें।5.नागरिकों और अभिभावकों के बीच जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर नाबालिग बच्चों के गुटखा या सिगरेट पीते हुए वीडियो और हथियारों का प्रदर्शन जैसी प्रवृत्तियाँ बेहद चिंताजनक हैं और यह समाज में बढ़ते नैतिक पतन का संकेत है।
अंत में शर्मा ने कहा कि —“यदि इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर कठोर व सतत कार्रवाई की जाती है, तो रायपुर शहर बच्चों को नशे की लत से मुक्त कराने वाला एक आदर्श उदाहरण बन सकता है।”

