राशन दुकानों से तीन करोड़ से अधिक रुपये का चावल गायब
रायपुर जिले में राशन दुकानों से चावल के बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 60 के आसपास दुकानों में पहले से सैकड़ों क्विंटल चावल स्टाक होने के बावजूद हर माह गोदामों से नई खेप भेजी जा रही थी। सत्यापन में पाया गया कि मात्र 100 वर्गफुट के गोदामों में क्षमता से कहीं अधिक चावल स्टाक दिखाया गया है। जांच के बाद इन दुकानों का चावल स्टाक रोक दिया गया है। करीब तीन करोड़ रुपए मूल्य का चावल राशन दुकानों से गायब है। स्टाक रोकने के बाद अब ये दुकानें कार्डधारियों को चावल वितरण नहीं कर पा रही हैं। प्रशासन ने संबंधित दुकान संचालकों से जवाब तलब करते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कार्यवाही के बाद अब तक कुछ राशन दुकान संचालकों ने बाजार से खरीद कर चावल का स्टाक रख दिया है। खाद्य विभाग ने चावल का पहले से स्टाक होने के कारण चावल भेजने पर रोक लगाई गई है। स्टाक की गड़बड़ी का सिलसिला एक माह से नहीं यह बीते छह माह से चल रही है। जिन दुकानों में पहले से चावल आनलाइन स्टाक में दिखाई दे रहा था फिर भी नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों द्वारा मांग पत्र लेकर भेजा जा रहा था।

