*वरलक्ष्मी की पूजा, ललिता सहस्रनाम का पाठ कर महिलाओं ने मांगी मन्नत*

*वरलक्ष्मी की पूजा, ललिता सहस्रनाम का पाठ कर महिलाओं ने मांगी मन्नत*


तिरुमला तेलुगु महिला समाज ने जगन्नाथ मंदिर में मनाया वरलक्ष्मी व्रतोत्सव……… *मेघा तिवारी की रिपोर्ट*
भिलाई(छत्तीसगढ़) l सेक्टर 06 स्थित जगन्नाथ मंदिर में शुक्रवार को तिरुमला तेलुगु महिला समाज के तत्वावधान में दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण धार्मिक त्यौहार वरलक्ष्मी व्रतोत्सव भक्तिभाव से सैकड़ों महिलाओं की उपस्थिति में मनाया गया। व्रतोत्सव में शामिल महिलाओं ने धन, संपदा, शांति और समृद्धि की देवी माता वरलक्ष्मी का व्रत रखकर पति और अपने परिवार के सदस्यों की दीर्घायु, वैभव, खुशहाली और संतानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मन्नत मांगी। देवी लक्ष्मी को समर्पित व्रतोत्सव का यह तीसरा वर्ष है। इस शुभ अवसर पर महिलाओं ने देवी लक्ष्मी से मनचाहा वरदान प्राप्त करने के लिए पहले पारंपरिक वेशभूषा में कुमकुम पूजा की और उसके बाद नकारात्मक विचारों से मुक्ति और चेतना की निर्मलता के लिए देवी ललिता के सहस्रनाम का पाठ भी किया।*षोडशोपचार पूजा के बाद महा आरती* तिरुमला समाज की अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद टी जयारेड्डी के नेतृत्व में मनाए गए व्रतोत्सव को आरंभ करने से पहले पंडित राममूर्ति ने पूजा-स्थल का शुद्धीकरण कर चंदन, कुमकुम, पुष्प और अक्षत भरे कलश को बीचों-बीच स्थापित किया। डोमशेड में पहले से ही बनी वेदी पर नूतन वस्त्रों, आभूषणों, फूलों सहित विभिन्न अलंकारों से सुसज्जित देवी लक्ष्मी की मूर्ति को वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच प्रतिष्ठित कर सनातन पद्धति से अभिषेक किया गया। मूर्ति-स्थापना के उपरांत पंडित ने षोडशोपचार पूजा कराई और अंत में महाआरती की। षोडशोपचार पूजा में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए आह्वान, आसन, अर्घ्य, आचमन, वस्त्र, यज्ञोपवीत, नैवेद्य, तांबूल, दीप, आरती सहित सोलह प्रकार के उपचार दिए जाते हैं।*महिलाओं ने देवी वरलक्ष्मी की सुनी कथा* व्रतोत्सव में पंडित ने महिलाओं को देवी वरलक्ष्मी की कथा सुनाई और उन्हें व्रत की विधि भी बताई। वहीं विधायक रिकेश सेन ने माता लक्ष्मी से व्रती महिलाओं की सुख-शांति और समृद्धि में वृद्धि और इन सभी महिलाओं के आवास में देवी लक्ष्मी के वास की कामना की। उधर सांसद विजय बघेल की धर्मपत्नी रजनी बघेल ने भी व्रती महिलाओं के लिए ऊपर वाले से दुआ मांगी। इस धार्मिक अनुष्ठान में नैवेद्य के रूप में माता वरलक्ष्मी को दक्षिण भारत के लोकप्रिय व्यंजनों लौंगलता, पुलिहारा, अर्सुलु, चंपंग फूल, मैसूर पागम समेत एक दर्जन से अधिक प्रकार के भोग लगाए गए।*अतिथियों का पुष्प गुच्छ से सम्मान* इस अवसर पर टी जयारेड्डी ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ से सम्मान भी किया, जिनमें विधायक रिकेश सेन, सांसद विजय बघेल की पत्नी रजनी बघेल, विधायक देवेंद्र यादव की पत्नी श्रुतिका यादव, शिवराज शुक्ल, राकेश शुक्ल तथा विजयलक्ष्मी विशेष रूप से शामिल हैं। इस अवसर पर सोलह श्रृंगार करने वाली श्रेष्ठ 11 महिलाओं का चयन किया गया, जिनमें पी प्रमिला देवी को प्रथम, एल हर्षा को द्वितीय और बी पूजा को तृतीय स्थान मिला जबकि छाया राव, पूर्णा, के भवानी, जे ऊषा, स्वप्ना, जी राजेश्वरी, एम ईश्वरी तथा के जया को सांत्वना पुरस्कार मिला। करिकर्म को सफल बनाने मे आल बोर्ड & कमिटी मेंबर्स विजया लक्ष्मी,जी पदमा, पी|लक्ष्मी,बी बसवाम्मा, रोहिणीरेड्डी,रेखा राव, भावना, शारदा, मीनाक्षी, रंजू रेड्डी , नमिता,पी रामा,ईशा, ओ राजेश्वरी,शलैजा, देवी रेड्डी,भवानी, रंजू बोस आदि का योगदान रहा |

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