महाबोधिविहार रैली को ऐतिहासिक बनाने पंचशील बौद्ध संघ का जनजागरण अभियान तेज़ — बोधगया महाविहार मुक्ति आंदोलन को भी मिला नया संबल
रायपुर। ऐतिहासिक महाबोधिविहार मुक्ति आंदोलन को नई दिशा देने और आगामी रैली को सफल बनाने के उद्देश्य से पंचशील बौद्ध संघ ने व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। संघ की नवनीर्वाचित सचिव भविंद्रा भालाधारे और संयुक्त सचिव रोहिणी बोरकर के नेतृत्व में संघ की वरिष्ठ सदस्यों – इंद्रा आई बोरकर, अनीता वंजारीताई, रीमा गणवीर लता खोब्रागड़े , रविकांता वान्द्रे , दीपमाला वान्द्रे, साधना गायकवाड़ , पापीला मेश्राम और राखी सावर – ने मिलकर राजेंद्र नगर क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को रैली में शामिल होने का संदेश दिया।
संघ के सदस्यों ने बताया कि रविवार, 27 जुलाई 2025 को देवेंद्र नगर में दोपहर 12 बजे आयोजित होने वाली यह रैली सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बौद्ध समाज की ऐतिहासिक एकता और अधिकारों की आवाज़ है। उन्होंने अपील की कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसमें भाग लें और इस अभियान को सफल बनाएं।
जनसंपर्क के दौरान संघ ने बताया कि यह रैली सीधे तौर पर बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार की मुक्ति के लिए देशभर में चल रहे महाविहार मुक्ति आंदोलन को भी मज़बूत करेगी। इस आंदोलन का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक स्थल की मुक्ति नहीं, बल्कि बौद्ध अनुयायियों को उनके अधिकार दिलाना और ऐतिहासिक धरोहरों की गरिमा को पुनः स्थापित करना है।
संघ की सचिव भविंद्रा भालाधारे ने कहा, “हमारा आंदोलन सिर्फ एक स्थान तक सीमित नहीं है, यह पूरी बौद्ध परंपरा और समाज की अस्मिता से जुड़ा है। आने वाली पीढ़ियों को भी इस संघर्ष का महत्व समझाना हमारा कर्तव्य है।”
वहीं, संयुक्त सचिव रोहिणी बोरकर ने बताया कि रैली की तैयारी के तहत राजेंद्र नगर में कई बुद्ध विहारों में भी बैठकों का आयोजन किया गया है, जहां समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं से रैली में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है।
संघ ने पुनः अपील की है कि रायपुर सहित आसपास के सभी क्षेत्र के बौद्ध अनुयायी रविवार, 27 जुलाई को देवेंद्र नगर में दोपहर 12 बजे एकत्र होकर इस ऐतिहासिक रैली को सफल बनाएं और महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन को नई ताकत दें।

