शिक्षा-साहित्य सेवा का मिला पारितोषिक डॉक्टरेट मानद उपाधि से विभूषित होंगे राम रतन श्रीवास

शिक्षा-साहित्य सेवा का मिला पारितोषिक डॉक्टरेट मानद उपाधि से विभूषित होंगे राम रतन श्रीवास


[बिलासपुर] विगत कई वर्षों से साहित्य के क्षेत्र में लगातार लेखनी व साहित्यिक मंचों में अपनी प्रस्तुति से विशिष्ट पहचान बना चुके राम रतन श्रीवास “राधे राधे” की लेखनी एवं साहित्य सेवा आखिरकार सार्थक सिद्ध हुआ। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के ग्राम पिसौद जांजगीर चांपा एवं कन्नौजिया श्रीवास समाज छत्तीसगढ़ के ऐसे प्रथम साहित्यकार हैं जिन्हें शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में यह उपलब्धि प्राप्त होने जा रहा है। मांँ वीणा पाणी एवं श्री राधे जी की अनंत कृपा से किए गए लेखन कार्य, ग्रंथों के साझा संकलन, असाधारण साहित्यिक सेवा, विभिन्न वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान ने होनोरेरी डॉक्टरेट की उपाधि उनके शिक्षा एवं साहित्यिक उपलब्धियों के लिए नई दिल्ली के मैजिक एवं आर्ट यूनिवर्सिटी फरिदाबाद ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से 13 जुलाई 2024 को विभूषित करने के लिए आमंत्रित किया है। लगातार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां इसका आधार बना। “राधे राधे” ने मैजिक एवं आर्ट यूनिवर्सिटी फरीदाबाद नई दिल्ली को हृदय तल से आभार कहते हुए संवाददाता को बताया कि यह क्रम आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय जाता है माता-पिता ( स्व. बिसाहू राम श्रीवास स्व. शांति बाई श्रीवास) बड़े भाई राधा रमण श्रीवास, जीवनसंगिनी उर्वशी श्रीवास, और साहित्य जगत में लाने वाले भाई रमाकांत श्रीवास को जाता है जो हर कदम पर साथ खड़े रहे। विभिन्न साहित्यिक संस्थान, मित्रगण, पारिवारिक जन और समाज में इस प्राप्त होने वाली उपलब्धि पर हर्ष की लहर व्याप्त है।

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