क्या,? नशेड़ियों की मित्र मंडली के इशारों पर चलती है रवि सिंह की पत्रकारिता
बेतुकी,स्तरहीन और द्वेष की लेखनी से पत्रकारिता का कैसा सरोकार ?
कोरिया बैकुंठपुर – खूब जमेगा रंग जब मिल बैठेंगे कुछ नशेड़ी यार। सूत्रों के हवालों से लगातार मिलती जानकारी की माने तो क्या सच में रवि सिंह नामक पत्रकार हर साम अपने नशेड़ी साथियों के बीच बैठ उनकी मंशानुरूप एक अखबार में वही लिखता है जो उसके कुछ नशेड़ी यार कहते हैं। पत्रकारिता को पनौती लगाने की सारी हदों को पार करता एक तथाकथित अखबार का विचौलिया पत्रकार। जिसकी दो चार साल की पत्रकारिता ने हर वर्ग, हर सिस्टम सहित शासन प्रशासन और आम जीवन जी रहे लोगों को बुरी तरह आहत किया है। कह सकते हैं की पत्रकारिता इस रवि सिंह नामक व्यक्ति के लिए सिर्फ और सिर्फ बंदर के हाथ अस्तुरा जैसा हो गया है। काफी पहले से सूत्रों के माध्यम से यह भी जानकारी मिलती रही है कि यह रवि सिंह नामक बिचौलिया नशीली दवाओं का भी आदी है। और इसके पत्रकारिता का उपयोग इसके ऐसे साथी या चाहने वाले करते हैं जो काले कारोबार में बहुत अंदर तक लिप्त हैं। आपको बता दें की रवि सिंह अपराधियों के संरक्षण के लिए पत्रकारिता को ढाल बनाकर रखता है।सोचने की बात है अगर पत्रकारिता का स्वरूप ऐसा हो चला है तो आखिर इन्ही जैसों की वजह से ही। अवगत करा दें कि रवि सिंह के द्वेषपूर्ण और रंजिश की पत्रकारिता का दौर कोरिया जिले में इतना गिरा हुआ है कि शासन, प्रशासन की मर्यादा तक को भूल कर एक महिला अफसर और उनके पद की गरिमा तक को निराधार तथ्यों के आधार पर तार तार किया गया। और जिस पर मामला भी बना और इस घटिया पत्रकार को राज्य महिला आयोग के सामने लज्जित होकर माफी मांगनी पड़ी। और जिसकी वाहियात हरकत के कारण कोरिया जिले से बाहर के पत्रकारों में कोरिया की पत्रकारिता के स्तर पर सवाल उठा।आप ठीक समझ रहे हैं ये इसी करतूत बाज़ शक्ल से नशेड़ी, आदत से बेहद घटिया और कुंठित विचारधारा का पत्रकार रवि सिंह जो अपने काले कारोबारी कोयला चोर और नशीली दवाओं के विक्रेता साथियों पर कोरिया पुलिस का डंडा पड़ता देख अपनी पत्रकारिता से पुलिस को ही बदनाम करने का काम करता है। जिसको इसकी हरकत का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और इस कारण कई बार पुलिसिया कार्रवाई भी हुई और इसको गंभीर मामले पर फरारी भी काटना पड़ा। विकृत मानसिकता से ग्रसित पत्रकार का चोला लटकाए घूमते रवि सिंह हरकतें इसको आजादी की जिंदगी नसीब नहीं होने देती। अपनी वाहियात हरकतों के कारण ये शख्स अपनी रोज की दिनचर्या में अक्सर भागता छिपता ही देखा जाता है। और ये शातिर रोज पल पल एक आदतन अपराधी की तरह अपना लोकेशन बदलता रहता है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करती रवि सिंह की पत्रकारिता,,
बता दें कि रवि सिंह नामक पत्रकार के नाम गंदा आतंक इस तरह आम है कि अगर आम लोग या फिर कोई भी राजनीतिक दल से सरोकार रखने वाले नेता या समर्थक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने विचार भी साझा करता है जो शायद हर शख्स के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है उसको अधिकार प्राप्त है। परंतु रवि सिंह की पत्रकारिता इतनी घटिया और स्तरहीन हो चुकी है की इसके द्वारा उन समस्त बातों का स्क्रीन शॉट लेकर उसे अखबार की सुर्खियों में सुमार कर दिया जाता है जिसके लिए इस पर नियम से आम आदमी के अधिकारों के हनन करने की धारा और अपराधिक मामले भी दर्ज किया जाना चाहिए। उदंड प्रवृति, सबसे आगे रहने और सुर्खियां बटोरने की होड़ में ये नशेड़ी हरकत बाज़ खुद को पत्रकार कहने वाला शायद क्या इसलिए हर सेक्टर में सिस्टम और शासन प्रशासन को अपनी तरह से चलाने की जुर्रत करता रहता है की यह पत्रकार है। कह सकते हैं कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और बेशक उसे लोकतंत्र के दायरे में आने वाले हर पहलुओं पर निगरानी का अधिकार है। परंतु वहीं अगर पत्रकारिता में ऐसे लोगों की इंट्री हो जाए तो लोकतंत्र का यह प्रहरी का अपना दायित्व भी कलंकित हो जाता है।जैसा की पत्रकारिता को समाज में एक आईने तरह देखा जाता है। हर वर्ग के न्याय की लड़ाई सहित राजनीति, राजकाज, सरकारी गैर सरकारी तंत्रों की तमाम गतिविधियों को अपनी लेखनी के माध्यम से समाज तक पहुंचाता है।परंतु रवि सिंह नामक नशेड़ी ने पत्रकारिता के असल स्वरूप को ही बदल डाला है। किसी भी तंत्र को निराधार सीधे तौर उनकी मर्यादाओं की परवाह किए बिना अखबार में बदनाम करने का कृत्य करता है।इसकी विकृत और बीमार मानसिकता की पत्रकारिता आम आदमी के निजी जीवन और पहलुओं को भी अखबार में उछालने से पीछे नहीं रहती। नशीली दवाओं का आदतन रवि सिंह नामक पत्रकार राजनीतिक दलों के वरिष्ट और युवा नेताओं पर भी ऐसी छींटा कसी और अपमानित करने वाले कंटेंट अखबार में लिखता है और जिससे अच्छी छवि और ईमानदार मेहनती पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराता है और उनके राजनीतिक चरित्र पर कीचड़ उछालने का कार्य करता है । जो अक्सर निराधार होता है और जिस कारण आमजन, रवि सिंह की लाईन में अन्य पत्रकारों को भी आंकने लगता है। हालांकि कोरिया और एम सी बी जिले में लोग तथाकथित अखबार में इसके द्वारा लिखे जाने वाले शब्दों पर इसे निहायत मूर्ख और घटिया पत्रकार के संबोधन से संबोधित भी करते हैं।

