शराब निर्माताओं पर सरकार का शिकंजा तीन डिस्टलरियों और चार अधिकारियों को नोटिस
रायपुर :- प्रदेश में राय घोटाले पर ईडी की कार्रवाई के बीच राज्य सरकार ने भी शराब निर्माता कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राज्य के आबकारी विभाग ने रविवार को प्रदेश की तीन प्रमुख देशी शराब निर्माता कंपनियों व आबकारी विभाग के चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है।
नोटिस में भ्रष्टाचार, रिश्वत के लेन-देन और अवैध बिक्री में अधिकारियों और शराब निर्माता कंपनियों की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। इसमें स्पट किया गया है कि 10 जुलाई को सुबह 11 बजे तक संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। आबकारी आयुक्त जनक प्रसाद पाठक ने कहा कि आबकारी शुल्क और अन्य करों का भुगतान किए बगैर मंदिरा की निकासी और रिश्वत की शिकायत के आधार नोटिस जारी किया गया है।
ज्ञात हो कि शराब इन दिनों राजनीति के केंद्र में है। ईडी ने दो हजार करोड़ के शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए 13 हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। चार कारोबारी व एक अधिकारी गिरफ्त में हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी ने रायपुर की रैली में शराब घोटाले की बात कही थी। जवाब में सीएम भूपेश बघेल
24
घंटे के भीतर आबकारी विभाग ने सर आनकारी
इन आबकारी अधिकारियों पर हैं आरोप
• आबकारी उपायुक्त, नीतू नोतानी : 5 जून 2017 से लेकर 18 जून 2020 तक राजनांदगांव और बिलासपुर में पदस्थ रहीं। 12 जून 2020 से निरंतर अवैध तौर पर शराब की निकासी कराने, आबकारी शुल्क और टैक्स चोरी व रिश्वत लेने का आरोप।
• सहायक आयुक्त आबकारी विकास कुमार गोस्वामी 28 जून 2019 से 10 जून 2020 तक • बिलासपुर, 22 जून 2021 से 29 जनवरी 2022 तक जांजगीर-चांपा) • और मुंगेली में रहे। 5 जून-2017 से 27 जून 2019 तक अवैध तरीके से शराब की निकासी कराने व टैक्स चोरी करवाने का आरोप।
बिलासपुर, मुंगेली और कुम्हारी की कंपनियों को नोटिस
वेलकम डिस्टलरी बिलासपुर, भाटिया वाईन मर्चेन्ट प्राइवेट लिमिटेड मुंगेली तथा छत्तीसगढ़ डिस्टलरी लिमिटेड कुम्हारी को वित्तीय वर्ष 2019-20 से किया गया है।
ने कहा, भाजपा वाले डिस्टलर का नाम क्यों नहीं लेते? रमन सरकार में शराब से 3,900 करोड़ का राजस्व
हजार करोड़ के शराब घोटाले 2 में चार्जशीट पेश कर चुकी ईडी
• जिला आबकारी अधिकारी
इकबाल अहमद खान रायपुर में 27 जुलाई 2019 से लेकर अब तक पदस्थ है। रिश्वत लेकर अवैध तरीके से शराब की निकासी कराने का आरोप।
• जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार सिंह : 2 जून 2020 से लेकर 7 अक्टूबर 2021 तक बालोद, 15 जनवरी 2022 से 6 अक्टूबर 2022 तक बलौदाबाजार में पदस्थ रहे। देशी धाराब निर्माताओं से रिश्वत लेकर आबकारी शुल्क और अन्य करो का भुगतान किए बगैर मदिरा की निकासी कराने का आरोप।
2022-23 की अवधि में अवैध मदिरा (नान ड्यूटी पेड़ मदिरा) की निकासी के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी
मिलता था, अब 6,500 करोड़ हो गया। सीएम के बयान के बाद कंपनियों को नोटिस जारी किया है।

