दंतेवाड़ा जिले का एक ऐसा गांव ग्राम पंचायत नेरली का बेनार गांव विकास से कोसों दूर है बेनार, चुआ का पानी पीना एकमात्र सहारा ।

अयान न्यूज दंतेवाड़ा से

असीम पाल कि रिपोर्ट
दंतेवाड़ा जिले का एक ऐसा गांव ग्राम पंचायत नेरली का बेनार गांव विकास से कोसों दूर है बेनार, चुआ का पानी पीना एकमात्र सहारा ।
– बारिश के समय आता है गंदा पानी।
प्रशासन का दावा है कि बस्तर के लाल गलियारों में अब विकास की बयार बह रही है । लेकिन अंदरूनी इलाकों में यह दम तोड़ती दिखाई दे रही है । आज भी ग्रामीण सड़क पानी बिजली के लिए तरस रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले का नेरली ग्राम पंचायत का आश्रित गांव बेनार , बेनार के ग्रामीण चुआ का पानी पीने को मजबूर है। क्यों कि यहाँ बोरिंग की सुविधा नही है । एक बोर है तो उसमें लाल पानी आता है जिसे ग्रामीण पी नहीं सकते। बेनार नेरली का आश्रित गांव है और बहुत ही छोटा सा गांव है इस गांव में 3 पारा है पटेल पारा, मुक्का पारा, मजार पारा, सबसे ज्यादा स्थिति पटेल परा की खराब है पटेल पारा थोड़ा बड़ा पारा है । जिसे दो भागों में बांटा गया है पटेल पर एक पटेल पारा दो पटेल पारा दो में ग्रामीण चुआ का पानी पी रहे हैं । पटेल पारा के ग्रामीण अपने पारा से एक से डेढ़ किलो मीटर पैदल चल कर खेत के बीच मे बने चुआ से पानी भरते हैं । गांव के बुजुर्ग बच्चे महिलाएं सभी यह चुआ से पानी भरते हैं। ग्रामीणों ने बताया गांव में सबसे बड़ी समस्या पानी है । पानी की समस्या को लेकर कई बार सरपंच सचिव को बता चुके हैं लेकिन किसी भी प्रकार से ध्यान नही देते कई बार ग्राम सभा मे भी बात को रख चुके हैं लेकिन कुछ नही हो पाया । अभी बारिश हो रही है बारिश के कारण खेत में पानी भरने से चुआ भी बंद हो जाता है । ऐसे में नाला का पानी पीना मजबूरी हो गई है । ग्रामीणों ने बताया पानी की समस्या के लिए दंतेवाड़ा कलेक्टर से मिलने गए थे लेकिन कलेक्टर सहाब कुछ काम के कारण नही आ पाए तो मिलना नही हुआ । ग्रामीणों ने बताया नेता जनप्रतिनिधि से मदद नही मांगेंगे क्यों कि नेता लोग चुनाव में वोट मांगने बस आते हैं बाकी समय कोई नही आता ।
बेनार तक सड़क तक नहीं दो साल से बंद पड़ा है सड़क का काम ।
बेनार तक सड़क तक नहीं बना है जिसके कारण गांव तक एम्बुलेंस पहुचने में बहुत ही दिक्कत होती है। बड़े कमेली से बेनार तक रोड में खाली गिट्टी बिछा कर छोड़ दिया गया है । और रोड निर्माण का काम दो साल से बंद पड़ा है । नेरली का आश्रित गांव बेनार तो है लेकिन नेरली से बेनार तक पहुचने के लिए सड़क तक नही है । नेरली बेनार को जोड़ने के लिए नाले में पुल भी नही बनी है । अभी बारिश के समय स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में ज्यादा परेशानी हो रही है ।
बॉक्सएनएमडीसी के आश्रित गांव की स्थिति ज्यादा खराब। भारत की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी के आश्रित गांव की स्थिति ही ज्यादा खराब देखने को मिल रही है। नेरली एनएमडीसी का आश्रित गांव में से एक है । और बचेली से लगा हुआ गांव है । एनएमडीसी का दावा है कि हम अपने आश्रित पंचायतो में विकास पहुचा रहे हैं । लेकिन ऐसा बिलकुल भी नही है। एनएमडीसी के आश्रित पंचायतो की स्थिति ज्यादा खराब है । कई पंचायत के लोग चुआ का पानी पी रहे हैं। गांव तक पहुचने के लिए ठीक से सड़क तक नही बनी है ।
बॉक्स फोन पर बात करने में बताया ।
बेनार पटेल पारा में जो बोरिंग है जिससे लाल पानी आ रहा है उसे टेक्नीशियन भेज के बनवा दिया जाएगा । और पटेल पारा में टिम मेंजा कर देखेगी और नई बोर की जरूरत हो तो करवा दिया जाएगा ।
देवेंद्र आरमो एसडीओ पीएचई विभाग ।
असीम पाल ब्यूरोदंतेवाड़ा

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