बस्तर कोयल”वादियां हर तरफ की सुहाने लगी,मौसमो की अदा भी रिझाने लगी,देखा शस्त्रों से सजने लगे हैं सपूत-सरहदों की फ़िज़ां मुस्कुराने लगी!!”

अयान न्यूज भांसी दंतेवाड़ा से

असीम पाल कि रिपोर्ट
*बस्तर कोयल*”वादियां हर तरफ की सुहाने लगी,मौसमो की अदा भी रिझाने लगी,देखा शस्त्रों से सजने लगे हैं सपूत-सरहदों की फ़िज़ां मुस्कुराने लगी!!”
जी हां— एक बार फिर, बस्तर सभांग से लौह नगरी बचेली की कवयित्री “शकुन शेंडे संघर्ष” हिंदी साहित्य अकादमी दिल्ली के प्रांतीय इकाई छत्तीसगढ़ द्वारा “बस्तर कोयल” की उपाधि से विभूषित की गई। यह ऐतिहासिक अवसर था “सशस्त्र सेना दिवस” तथा हिन्दी साहित्य अकादमी दिल्ली के प्रांतीय इकाई का छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गठन। इस भव्य कार्यक्रम में शौर्य और साहित्य का अद्भुत संगम देखने को मिला, वृंदावन सभागार सिविल लाइन रायपुर में।इस ऐतिहासिक अवसर पे मुख्य अतिथि- कर्नल जंगबहादुर शमशेर सिंह कक्कड़ जी(रिटायर्ड), कारगिल युद्ध में अपनी सेना को विजय दिलाने में शसक्त भूमिका निभाने वाले विजय डागा जी, समाज सेवी गौरीशंकर श्रीवास जी,वरिष्ठ कवयित्री शशिदुबे जीके कर कमलों से यह सम्मान उन्हे श्रीफल,माला, प्रशस्ती पत्र तथा भारत माता की अति मनमोहक चित्र देकर किया गया । राज्य के कई जिलों से पधारे साहित्यकारों ने अपनी देशभक्ति की रचनाओं से सभागार को देशप्रेम से सराबोर कर दिया। सशस्त्र सेना दिवस को यादगार बनाने कर्नल ने पदाधिकारियों एवं साहित्यकारों को देश सेवा की शपथ दिलाई।इस प्रांतीय इकाई की अध्यक्षा श्रीमती शोभा देवी शर्मा, प्रभारी महेंद्र कुमार बेजुबां ,और अन्य पदाधिकारियों के अथक परिश्रम ने कार्यक्रम के आयोजन को सफलता की उंचाई पे पहुंचा दिया ।
असीम पाल ब्यूरोदंतेवाड़ा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *