बिजली विभाग के अधिकारी अनिल अग्रवाल को चार वर्ष की कैद दो हजार रिश्वत लेने का आरोप

*बिजली विभाग के अधिकारी अनिल अग्रवाल को चार वर्ष की कैद दो हजार रिश्वत लेने का आरोप?*


विधुत विभाग में कार्यरत मीटर रीडर से दो हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले वरिष्ठ खाधिकारी को विशेष कोर्ट ने चार वर्ष कैद के साथ 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर चार माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार मोटर रोडर नारायण वर्मा हमेशा की तरह मीटर रीडिंग के लिए निकला था। इस दौरान 29 मई 2015 को तबीयत खराब होने से वह स्पाट बिलिंग का काम नहीं कर पाया। उसके पास अमानत राशि 12 हजार रुपये उसने विभाग के पास जमा करवा दिया। तबीयत ठीक होने पर उसने जनवरी 2016 को आवेदन देकर जमा की गई राशि को वापस मांगा, लेकिन उसे यह राशि नहीं दी गई।
लगातार चक्कर लगाने पर राज्य विद्युत वितरण कंपनी गुढ़ियारी शाखा में पदस्थ वरिष्ठ लेखा अधिकारी अनिल कुमार अग्रवाल (61) ने उसे दो हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसकी शिकायत पीड़ित ने एंटी करप्शन ब्यूरो से की। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने योजना के अनुसार 18 दिसंबर 2016 की सुबह 10 बजे आरोपित अनिल अग्रवाल को दो हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे
हाथों गिरफ्तार किया। एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच के बाद छह सितंबर 2019 को चालान पेश किया। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाह पेश किए गए। विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी ने एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा पेश की गई केस डायरी और अभियोजन पक्ष गवाहों के बयान पर आरोपित लेखा अधिकारी को चार वर्ष की कैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

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