दंतेवाड़ा जिले मे एकता एवं सदभावना दिवस मे शामिल हुए मंत्री कवासी लखमा दादीबालक एवं बालिका छात्रावास बनाने की घोषणा

अयान न्यूज भांसी दंतेवाड़ा जिले से असीम पाल की रिपोर्ट



दंतेवाड़ा जिले मे एकता एवं सदभावना दिवस मे शामिल हुए मंत्री कवासी लखमा दादीबालक एवं बालिका छात्रावास बनाने की घोषणा दंतेवाड़ा, 08 फरवरी 2023। जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के पोस्ट मेट्रिक छात्रावास में एकता एवं सदभावना दिवस में आज मंत्री श्री कवासी लखमा शामिल हुए। कॉलेज के बच्चों ने ढोल बाजे व सांस्कृतिक गाने की धुन पर भव्यता से मंत्री श्री लखमा का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरूआत में सर्वप्रथम दंतेश्वरी माँ एवं भीमराव अम्बेडकर की छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती देवती महेन्द्र कर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री तुलिका कर्मा, जिला पंचायत सदस्य सुश्री सुलोचना कर्मा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री अवधेश गौतम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे तत्पश्चात् सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बालक बालिकाओं द्वारा स्थानीय बोली के साथ मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गयी। मुख्य अतिथि के द्वारा नृतक दलों को पुरस्कृत किया गया और बालक बालिकाओं की मांग पर बालक एवं बालिका आश्रम बनाने की घोषणा की और अन्य मांगों पर विचार विमर्श करने की बात कहीमुख्य अतिथि श्री कवासी लखमा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इतने लम्बे वर्षों बाद बस्तर में हुए विकास के साथ बदलाव को व्यक्त किया और कहा कि दंतेवाड़ा जिला विकास का द्वार है। राज्य शासन के द्वारा आश्रम, स्कूल, शिक्षा, मनरेगा अंतर्गत कार्य कराये जा रहे हैं। यहां के लोग देवगुड़ी और घोटुल के माध्यम से अपनी परम्परा, संस्कृति और रीति रिवाजों को संजोए हुए हैं। आज शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है बंद स्कूलों को भी फिर से शुरू किया गया है। अब बच्चे आश्रम में पढ़ विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवा दे रहे हैं। अब आदिवासी बच्चे भी आगे बढ़ रहे हैं अब अंदरूनी आदिवासी क्षेत्र में भी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू किये जा रहें हैं। विधायक श्रीमती देवती महेंद्र कर्मा ने कहा कि आज हमारे दंतेवाड़ा जिले से सभी बच्चे पढ़ाई के क्षेत्र में ऊंचे-ऊंचे पदों पर जा रहे हैं और जिले का नाम रोशन कर रहे हैं आगे भी इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अब दूरस्थ अंचल में रहने वाले बच्चे भी आश्रम छात्रवासों में रहकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे है।
भांसी से असीम पाल

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