कड़कड़ाती ठंड में भी मध्य रात्रि को पहुंचे डोनर**हेल्पिंग हैंड्स परिवार से अपनापन और परिवार जैसा सहारा मिलजाता है मरीज के अटेंडर को

*हेल्पिंग हैंड्स परिवार ने मनाया अनोखा रक्त रोज डे*

*कड़कड़ाती ठंड में भी मध्य रात्रि को पहुंचे डोनर**हेल्पिंग हैंड्स परिवार से अपनापन और परिवार जैसा सहारा मिलजाता है मरीज के अटेंडर को*
रायपुर – हेल्पिंग हैंड्स टीम के पास एक काल आता है भैया हम परेशान है 30 यूनिट ब्लड लगना है केसे होगा कहा से आएंगे इतने डोनर वो भी एक दिन में व्हाट्स एप के माध्यम से 6 फ़रवरी की दोपहर को एक मैसेज आता है रक्त की आवश्यकता हेतु केस कुछ इस प्रकार है, सक्ति के मरीज है जिनका लीवर ट्रांसप्लांट होना था रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल में लीवर ट्रांसप्लांट के केस में डोनर और रिसीवर दोनों को ब्लड लगाया जाता है, इस केस में कुल 30 यूनिट रक्त की आवश्यकता थी जिसमें क्रमशः 20 यूनिट 🆎➕ और 10 यूनिट 🅾️➕ की आवश्यकता थी, टीम के पास मैसेज एवं काल आते ही पुरी टीम इस केस के लिए फॉर्म में आ गयी सबसे पहले तो अटेंडर को समझा कर उनका हौसला बढ़ाने इस टीम का पहला कार्य है क्युकी ऐसे समय में हौसला ही सबसे महत्वपूर्ण है और टीम के हर सदस्य को ऐसा लगने लगा जैसे उनका कोई अपना ही हॉस्पिटल में एडमिट हो सूचना मिलते ही रात 12:30 बजे ही संरक्षक राजेश लोहिया जी 35 कि. मी. दूर से सफर कर 3 डोनर के साथ खुद रक्तदान करने पहुंच गए और दूसरे दिन सुबह 8 बजे से फिर इस केस में लग गये पुरी टीम ने स्वयं डोनर के साथ उपस्थित होकर 12 घंटो में 25 यूनिट रक्तदान करा डाला और रिकॉर्ड बना डाला और अंततः 2/4 यूनिट अतिरिक्त डोनेशन कराया ताकि उनका सफल आपरेशन हो सके, इस पूरे केस में टीम के प्रदेश अध्यक्ष भाई अंकित अग्रवाल खरसिया द्वारा लगातार डोनर और अटेंडर को लाइनअप किया जा रहा था वहीं संरक्षक बंटी सोनी जी द्वारा पल पल की रिपोर्ट ली जा रही थी अटेंडर के परिजन दिनेश जी, राखी जी,योगेश जी लगातार संपर्क में रहे.. छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के चेयरमैन अशोक सियाराम अग्रवाल भी लगातार अपडेट ले रहे थे वही महिला विंग अध्यक्षा भारती मोदी, बबिता अग्रवाल जी,ज्योति अग्रवाल, अंकिता आहूजा,रजत अग्रवाल,मनोज गोयल जी,नमन अग्रवाल,रिंकू केडिया,अनूप अग्रवाल,प्रियंका उपाध्याय,शिवम् अग्रवाल,नरेश अग्रवाल,मनोज अग्रवाल चांपा,राहुल अग्रवाल,रिंकू केडिया द्वारा लगातार डोनर से बात कर के उन्हें कन्वेंस करके हॉस्पिटल भेजा जा रहा था वहीं हेल्पिंग हैंड्स के उपाध्यक्ष उदित अग्रवाल अपने साथियों साथ खुद ब्लड बैंक पहुंच कर मरीज के लिए रक्तदान किए साथ में मनीष जी एवं निखिल जी ने वहां उपस्थित होकर रक्तदान भी किया एवं अटेंडर का हौसला बढ़ाया पूरे केस में टीम के सभी सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही हेल्पिंग हैंड्स ने सभी से आग्रह किया है कि हॉस्पिटल में मरीज के परिजन अकेले होते है घबराए हुए होते है मानव जीवन हमें मिला है हमें हमेशा हर किसी की हर संभव मदद करनी चाहिए चाहे वो अनजान क्यों ना हो एवं सभी को रक्तदान करना चाहिए रक्त के लिए भटकना पड़े परिजन को तो वो मरीज पर ध्यान नहीं दे पाते इसलिए आप सब जरूर रक्तदान करे अंततः टीम ईश्वर से मरीज के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करती है सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामया।हेल्पिंग हैंड्स परिवार रक्तदान एवं भोजन गरीब असहाय व्यक्ति के मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता हैऔर करोना काल में इनके द्वारा किए गए कार्य तो निश्चित ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुके है

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