छत्तीसगढ़ समेत पूरे प्रदेश में पुलिस मुख्यालय से विधिवत पसारा लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही बहोत से निजी सिक्योरिटी गार्ड एजेंसियों का संचालन होने का आरोप आमजन द्वारा लगाया जा रहा है? इन इजेंसियों के द्वारा श्रम कानून का भी कोई पालन नहीं किया जा रहा है। सिक्योरिटी गार्ड के रूप में एजेंसियों के माध्यम से काम करने वाले गार्डों को नियमानुसार सुविधाएं और मेहनताना देने में भी आनाकानी की जा रही है?
नियमानुसार सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी का संचालन करने के लिए पुलिस मुख्यालय से पसरा लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके अलावा लेबर लाइसेंस, ईएसआई कोड, भविष्य निधि कोड, ट्रेड लाइसेंस आदि सिक्योरिटी एजेंसी चलाने के लिए नियमों के तहत जरूरी है।
इसी तरह प्रतिदिन आठ घंटे की डयूटी साप्ताहिक अवकाश, न्यूनतम वेतन, मिलने वाले वेतन की पर्ची, भविष्य निधि कटौती, ईएसआई कार्ड व यूएएन नंबर, ज्वाइनिंग लेटर और परिचय पत्र की सुविधा प्रत्येक सिक्योरिटी गार्ड को मिलनी चाहिए। लेकिन छत्तीसगढ़ में संचालित कुछ को छोड़ ज्यादातर सिक्योरिटी गार्ड एजेंसियों के पास लाइसेंस ही नहीं है।

