जांजगीर-चांपा।
स्लग:– धार्मिक नगरी शिवरीनारायण में चल रहा अधर्म का खेला, लापरवाह अधिकारियों ने डाला गरीब जानता के आशियाने पर डाका, न्याय की गुहार में दरबदर भटक रहे है पीड़ित परिवार।
एंकर:– धर्म के इस नगरी में चल रहा अधर्म का खेला, गरीब परिवार उत्तर शर्मा के आशियाने पर डाला नगर पंचायत शिवरीनारायण के जिम्मेदार अधिकारियों ने डाका, जहां खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है परिवार, न्याय की गुहार में दर-बदर भटकते नजर आए पीड़ित परिवार।
जी हा गौर से देखिए इन तस्वीरों को, ये वही पीड़ित परिवारों की तस्वीरें हैं जो अपने हक के जमीन पर भी अपना आशियाना नहीं बना सकते। चंद पैसों और सत्ता पर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों के बलबूते कुछ लोगों ने इन मासूमों के जमीन पर कब्जा करने के साथ, बन रहे मकान पर रोक लगा दिया है। जिसके चलते यह पूरा पीड़ित परिवार आज खुले आसमान के नीचे कड़ाके के ठिठुरते हुए इस ठंड में रहने को मजबूर है, जहा न्याय की गुहार में यह पीड़ित परिवार आज सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते नज़र आ रहे हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों के कानों में जूं-तक नहीं रेंग रही हैं।
बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर यह पीड़ित परिवार रहते हैं उस जमीन का सारा दस्तावेज इनके पास मौजूद हैं, इसके बावजूद भी कुछ लोगों द्वारा इनके जमीन पर जबरदस्ती का कब्जा कर अधिकारियों के साथ साठ-गाठ करके इन मासूमों के बन रहे घर पर रोक लगा दिया है। जिसमें मुख्य रुप से नगर पंचायत सी.एम.ओ. सहित कुछ जिम्मेदार कर्मचारी शामिल हैं।
जहां पीड़ित परिवार ने यह आरोप भी लगाया है कि, पूरे मामले की शिकायत हमारे द्वारा जिले के कलेक्टर कार्यालय में किया जा चुका है, जब जिले के कलेक्टर द्वारा नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों को जांच कर मामले में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया तो इसके बाद नगर पंचायत के सी.एम.ओ. द्वारा बिना किसी जांच-पड़ताल के झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला कलेक्टर को जानकारी दिया गया है, जिसके बाद मामले में किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है। और इसका खामियाजा आज धार्मिक नगरी शिवरीनारायण के उत्तम शर्मा के इन मासूम परिवारों को झेलना पड़ रहा है।
जहां प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ इन मासूम परिवारों को मिलना था मगर नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा बार-बार इनको प्रताड़ित किया जा रहा है और इनके कामों में रोक लगाया जा रहा है, जहा प्रधानमंत्री आवास योजना के घर का बिल आगे पास नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे इन मासूमों के सर से छत्त हट गया है।
तो वहीं साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी इन मासूमों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, और शिकायत के बावजूद भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बैठे हैं।
अब देखना यह होगा कि इस प्रकार से जिला कलेक्टर को झूठी रिपोर्ट देने वाले नगर पंचायत सीएमओ के ऊपर जिला कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा क्या बड़ी कार्यवाही करेंगे यह देखने वाली बात है।

