रेल कर्मचारीयों के साथ केन्द्रीय कर्मचारीयों ने पहली बार रायपुर (छत्तीसगढ़) में एनपीएस का विरोध किया।
दिनांक 05 नवंबर 2022 दिन शनिवार को पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करवाने के लिए रायपुर (छत्तीसगढ़) में पहली बार रेलवे के साथ साथ अन्य विभागों के सैकड़ो केंद्रीय कर्मचारीयों ने भारतीय रेल कर्मचारी पुरानी पेंशन संघर्ष समिति (IRMOPS) के बैनर तले एनपीएस के विरोध में आयोजित विशाल जागरूकता सम्मेलन मे भाग लिया ।
18 वर्ष पहले तत्कालीन केंद्र सरकार ने दिनांक 01.01.2004 को केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को खत्म कर एनपीएस योजना लागू की थी। इस योजना के तहत शासकीय सेवा से रिटायर होने पर सरकार इन कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की सरकारी पेंशन नहीं देती है। जबकि 1 जनवरी 2004 से पहले नियुक्त सभी सरकारी कर्मचारी को रिटायर होने पर सरकार द्वारा पुरानी पेंशन निति के तहत अंतिम वेतन का आधा पेंशन दी जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने इस योजना को अस्वीकार करते हुए, अपने राज्य के कर्मचारियों पर पुन: पुरानी पेंशन लागू कर दी है । इसलिये छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत ही आते है। लेकिन छत्तीसगढ़ में रेलवे सहित कार्यरत केंद्रीय कर्मचारी मजबूरीवश एनपीएस योजना के अंतर्गत ही है। पहली बार छत्तीसगढ़ में भारतीय रेल कर्मचारी पुरानी पेंशन संघर्ष समिति ने एनपीएस योजना के विरोध में आवाज उठाई है । इस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि श्री सुशांत पंडा जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष IRMOPS) एवं श्री नरेंद्र सिंह यादव (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव IRMOPS) और श्री राम कुमार साहू (प्रभारी IRMOPS द.पू.मं.रे) रहें। कार्यक्रम मे पुरानी पेंशन के लाभ और नई पेशंन के नुकसान जैसे अनेक विषयो पर चर्चा की गई और सभी ने एक जुट होकर एनपीएस का विरोध किया ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुशांत पंडा जी ने संगठन द्वारा एनपीएस के विरोध में और पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः लागू करवाने के लिए किये जा रहे प्रयासों पर विस्तार से बताया। नरेंद्र सिंह यादव जी ने एनपीएस के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्थिति पर प्रकाश डाला और एनपीएस के दुश: परिणामों पर विचार रखे।
श्री राम कुमार साहू जी ने मुख्य अतिथि और व्यक्ता के साथ साथ कार्यक्रम में शामिल हुए सभी साथियों का आभार व्यक्त किया।
नवीन बोकाड़िया
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
भारतीय रेल कर्मचारी पुरानी पेंशन संघर्ष समिति

