श्रीमती धर्मिन बाई निषाद(सरपंच) (ग्राम-सारंगपुर,ग्राम पंचायत चरगंवा,जिला बेमेतरा) और उनके पति कौशल निषाद की सरपंच हड़ताल से लौटते समय एक्सीडेंट में मौत, सरकार से सहायता राशि और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी की मांग -कोमल हुपेंडी,प्रदेश अध्यक्ष,आप।


13/09/2022
आम आदमी पार्टी,
छत्तीसगढ़

श्रीमती धर्मिन बाई निषाद(सरपंच) (ग्राम-सारंगपुर,ग्राम पंचायत चरगंवा,जिला बेमेतरा) और उनके पति कौशल निषाद की सरपंच हड़ताल से लौटते समय एक्सीडेंट में मौत, सरकार से सहायता राशि और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी की मांग -कोमल हुपेंडी,प्रदेश अध्यक्ष,आप।

आप प्रतिनिधि मंडल आज निषाद परिवार के ग्रह ग्राम जाकर शोक संतप्त परिवार से मिला,श्रद्धांजलि दी – सूरज उपाध्याय,प्रदेश सहसंयोजक,आप

पूरे प्रदेश में हड़ताल पर बैठे सरपंच भाइयों को आम आदमी पार्टी का पूर्ण समर्थन,हम आपकी हर जायज़ मांग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हमेशा खड़े है – गोपाल साहू,प्रदेश संगठन सचिव, आप।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने दुखी मन से आज ये दुखद खबर दी कि श्रीमती धर्मिन बाई निषाद(सरपंच) (ग्राम-सारंगपुर,ग्राम पंचायत चरगंवा,जिला बेमेतरा) और उनके पति कौशल निषाद का राजधानी रायपुर से सरपंच हड़ताल से लौटते समय एक्सीडेंट में असमय मौत हो गई।

प्रदेश संयोजक सूरज उपाध्याय ने आज यह कहा कि आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल बेमेतरा में उनके गृह ग्राम गया और शोक संतप्त परिवार से मिलकर उन्हें ढाढस बांधकर श्रद्धांजलि दी और साथ ही सरकार से मांग की है की पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द एक करोड़ सहायता राशि के रूप में दे और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देकर परिवार को संबल प्रदान करे।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव गोपाल साहू ने आगे कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में सरपंच हड़ताल पर थे। आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश के सरपंच संघ की सभी 13 सूत्रीय मांगों को समर्थन देते हुए मजबूती से सरपंच संघ के साथ खड़े होने का पूर जोर समर्थन दिया है। ज्ञात हो कि संघ के आह्वान पर सभी जनपद पंचायतो मे दिनांक 22 अगस्त से हड़ताल जारी थी।प्रदेश की जनपद पंचायत के सभी सरपंचों ने छत्तीसगढ़ शासन से आग्रह किया कि प्रदेश स्तरीय सरपंच संघ की सभी 13 सूत्रीय मांगें जायज हैं व इसे अति शीघ्र पूरा करें। इसके पूर्व सरपंच संघ छत्तीसगढ़ द्वारा अपनी मांगो के सन्दर्भ मे विगत 10 अगस्त से प्रदेशभर के सरपंच रायपुर मे इकठ्ठा होकर शांतिपूर्ण रैली निकलकर रायपुर मे ज्ञापन सौंपा गया था। परन्तु सरकार द्वारा सकारात्मक पहल नही करने पर लगातार 11 दिनों से प्रदेशव्यापी हड़ताल की जा रही है। अगर मांगो को शीघ्र शासन द्वारा पूरा नही किया गया तो 10 सितम्बर को रायपुर मे प्रदेश स्तरीय संघ द्वारा महाधरना की भी चेतावनी दी गई है। सरपंचों के हड़ताल पर जाने से अर्थव्यवस्था में बहुत दिक्कत आ रही है। सरपंच का मानदेय 20हजार,उपसरपंच का 10 हजार व पंचो का 5हजार, मनरेगा में मैटेरियल भुगतान हर माह 3मे करने व योजना राशि 2 लाख करने , मनरेगा में मटेरियल के पूर्व 40% की अग्रिम भुगतान किया जाये, सरपंच का कार्यकाल 2 वर्ष बढ़ाने, जैसी प्रमुख मांगे है जिन्हे सरकार ने पूरा करना चाहिए।

हम सरकार से फिर से मांग करते है कि सरपंच संघ की मांगो को मानकर उन्हें मानदेय दिया जाना चाहिए जिससे गांव के लोग ज्यादा त्राहि त्राहि न हो क्योंकि सरपंच के हड़ताल पर जाने से हर गांव की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी।प्रतिनिधि मंडल में कोमल हुपेंडी,सूरज उपाध्याय,गोपाल साहू और तेजेंद्र तोड़ेकर और कुछ अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

अंत में कोमल हुपेंडी ने कहा कि हम सरकार से फिर मांग करते है कि पीड़ित निषाद परिवार को जल्द से जल्द एक करोड़ मुआवजा राशि दे कर और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग है, जिससे परिवार को संबल मिले। बदलबाे छत्तीसगढ़।

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