दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला क्षेत्र के जी ए डी कालोनी खामियाजा भुगत रहे 36 परिवार

दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला क्षेत्र के जी ए डी कालोनी खामियाजा भुगत रहे 36 परिवार

प्रशासनिक चूक का खामियाजा भुगत रहे ट्रांजिट हॉस्टल के 36 परिवार*

जी ए डी कालोनी में सरकारी आवास हेतु प्रशासन ने ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कराया था। जिसका निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया। उस समय निर्माण कार्य को छोड़ आवागमन के लिए रास्ते के बारे में किसी ने सोचा नही था। जिसका खामियाजा आज वंहा रह रहे 36 परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। आवास निर्माण के समय राजस्व कर्मियों ने रास्ता निकाला ही नही था। उस समय किसी ने सोचा भी नही था कि आने वाले समय यह बहुत बड़ी समस्या बन सकता है।
अब इस समस्या को सुलझाने में प्रसाशनिक अधिकारी और राजस्व कर्मी तकनीकि दिक्कतों में उलझ गए है।
जिस स्थान पर सरकारी आवास का निर्माण किया गया वंहा पर तीन तरफ से निजी पट्टे की भूमि है। और आज तक जिस रास्ते से आना जाना चल रहा था वह निजी भूमि थी,उक्त भूस्वामी द्वारा अपने निजी निर्माण का हवाला देते हुए रास्ता बंद कर दिया तथा दूसरी तरफ बिल्डिंग की बाउंड्री को तोड़ कर वैकल्पिक व्यवस्था कर दी। वह रास्ता भी बिजली के खम्बो की वजह से प्रभावित है जँहा से चारपहिया वाहन निकलना सम्भव नही है।और दूसरी तरफ भूमि जिस पर होकर मुख्य सड़क तक जाना है वंहा पर नरम मिट्टी ,बरसात में कीचड़ से भर जाती है।
इस आवास में विभिन्न विभागों के कर्मचारी निवासरत है । जिसमे आपातकाल स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकतर कर्मचारी निवासरत है। जिन्हें अकस्मिक आपातकाल में आना जाना होता है। साथ ही यँहा कोर्ट,जिला कार्यालय ,और जिला पंचायत व अन्य विभागों के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारी निवासरत है।
इस लिये काम चलाऊ व्यवस्था से निर्वहन करने पर मजबूर है।
यदि उक्त स्थान पर किसी वी आई पी का निवास स्थान होता तो सारी व्यवस्था रातों रात हो जाती।
निजी भूस्वामी जिनके द्वारा रास्ता बंद किया गया उनके द्वारा विगत छः माह से मौखिक सूचना दी जा रही थी,उक्त रास्ते को बंद करने हेतु। परन्तु राजस्व और उच्चाधिकारियों द्वारा निराकरण में ढुलमुल रवैये की वजह से यह स्थिती निर्मित हो गई।

दंतेवाड़ा जिले से
असीम पाल की रिपोर्ट

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