स्वावलंबन व स्वरोजगार हेतु संबल प्रदान करने साधर्मिक को आर्थिक मदद
जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा श्रीमती चुक्की बाई चंदनमल सुराना के साधर्मिक सहयोग से दो परिवारों को मदद दी
जैन समाज में साधर्मिक भाई बहनों को स्वावलंबन व स्वरोजगार हेतु संबल प्रदान करने आर्थिक मदद की योजना आरम्भ की है । जैन समाज में स्वाभिमान से जीवन जिये व समाज की मुख्यधारा में शामिल हों इस प्रत्यर्थ प्रयास किया जा रहा है । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि संवेदना … साधर्मिक व्यापार विकास योजना के अंतर्गत 51 भाई बहनों के उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है । जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा सर्वप्रथम आज दो भाइयों को उनके व्यापार में और विकास हेतु आर्थिक मदद प्रदान की गई है । स्व . चुक्की बाई चंदनमल सुराना के साधर्मिक सहयोग से दो परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले परिवारों की पहचान गुप्त रखने का निर्णय लिया गया है । योजना अंतर्गत चयन हेतु एक मापदंड तय किया गया है जिसमें जैन संवेदना ट्रस्ट की तय टीम अपने निर्धारित क्षेत्र में साधर्मिक बंधुओं के व्यापार की बारीकी से नजर रखती है । इसके बाद ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य जाकर उनके व्यापार की जानकारी व व्यापार विकास योजना की पूरी जानकारी ली जाती है तत्पश्चात समिति द्वारा निर्णय लेकर जरूरतमंद साधर्मिक को प्रारंभिक मदद के रूप में आवश्यक नगद राशि प्रदान की गई है । एवं उन्हें भरोसा दिलाया जाता है कि इस प्रारंभिक राशि से यदि आप व्यवसाय में विकास करते हैं तो और आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त राशि प्रदान की जावेगी साथ ही जो व्यापार कर रहे हैं उसमें भी व्यापारिक लेन देन में अतिरिक्त सुविधा दिलवाने प्रयत्न किया जावेगा । जैन संवेदना ट्रस्ट ने इस प्रकार की सेवा निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया है । जैन बहुल इलाकों में टीम तैनात की गई है जोकि जरूरतमंद साधर्मिक बंधुओं की आवश्यकता की जानकारी एकत्र कर रही है । जैन संवेदना ट्रस्ट के माध्यम से सकल जैन समाज के सहयोग से स्वावलंबन व आर्थिक उन्नयन का प्रयास जारी रहेगा ।

