अयान न्यूज मनीष पाल की कलम से
डीपी विप्र महाविद्यालय में कथा सम्राट मुंशी चंद्र जी की मनाई गई जयंती छत्तीसगढ़ के चर्चित साहित्यकार हुए शामिल
बिलासपुर डी . पी . विधि स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय , बिलासपुर ‘ मुंशी प्रेमचंद जयन्ती के अवसर पर ” कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद समारोह ” का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री सतीश जायसवाल साहित्यकार एवं पत्रकार शामिल थे । कार्यक्रम में उन्होंने प्रेमचन्दजी की रचनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए उनके काव्य की वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला । उन्होंने ने बताया कि प्रेम चंद्र जी सर्वप्रथम बंग्ला में लेखन की शुरुआत की , बाद में हिंदी में लिखाना शुरू किया । मुंशी प्रेमचंद जी की कहानियों पर कई समाज को संदेश देने वाली फिल्मों का निर्माण भी हुआ है प्रेमचंद की कहानियों में दलितों वंचितों की समस्याओं पर प्रकाश डाला है कार्यक्रम में वक्ता के रूप मेंशामिल छत्तीसगढ़ी एवं हिन्दी की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती तुलसी तिवारी , ने प्रेमचन्द जी का जीवन सघर्ष बताते हुए , प्रेमचन्द जी के काव्य के उन विषयों बाल विवाह , बेमेल विवाह , दलित – पीड़ितों पर प्रकाश डाला जो आज भी समाज में व्याप्त हैं । डॉ . तारणीश गौतम , शासकीय बिलासा कन्या स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय के हिन्दी के सहायक प्राध्यापक ने कहा कि यह कार्यक्रम विधि महाविद्यालय में मनाया जाना हर्ष एवं गौरव का विषय है । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के पूर्व कुल सचिव डॉ . नन्द किशोर तिवारी ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद जी की कहानियों को हम किसी भी तरह से सामाजिक सरोकार से अलग नहीं कर सकते उन्होंने कहा कि प्रेमचंद जी का सबसे बड़ा अवदान हिंदी भाषा को है उन्होंने उर्दू मिश्रित हिंदी भाषा को हमारे सामने प्रस्तुत किया यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी । कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ . अन्नू भाई सोनी एवं समस्त प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के साथ ही बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग की धृति श्रीवास्तव ने किया ।

