राजनांदगांव,निगम आयुक्त को चेयरमैन ने लिखा पत्र,वार्ड क्र. 23 के अंतर्गत अम्बेडकर चौक पर संविधान की किताब का निर्माण एवं स्थापना की जांच,
राजनांदगांव, निगम चेयरमैन,सुनीता अशोक फर्नाडीस ने निगम आयुक्त को पत्र लिखकर उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है कि भारतीय संविधान की किताब के स्वरूप का निर्माण पूर्णतः गलत है। निम्न बिन्दुओं पर ध्यानाकर्षण :
- भारतीय संविधान की बुक का निर्माण पूर्णतः गलत रूप में किया गया है।
- भारतीय संविधान की किताब के स्वरूप को बताने का प्रयास निगम ने किया है किन्तु किसी भी कोने से वह संविधान की किताब नजर नहीं आती है। इसलिए वह संवैधानिक रूप से गलत है।
- इस तरह से निगम ने उक्त किताब का मजाक बनाया है, जो कि वैधानिक नहीं है। इसे स्वीकृति प्रदान करने वाले व संबंधित जिम्मेदार इंजीनियरों के विरूद्ध कानूनन कार्यवाही किया जाना न्याय संगत होगा।
- शासन के गाईडलाईन के अनुसार किसी भी संवैधानिक वस्तु / भारतरत्न से सम्मानित महान पुरुष / स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नियुक्ति की स्थापना करने के पूर्व जिले की सक्षम समिति के द्वारा सहमति प्रदान की जाती है।
- अनुमति के पूर्व समिति द्वारा समस्त दस्तावेजों की जांच करके संबंधित मूर्ति की स्थापना की जा सकती है, ताकि किसी भी प्रकार का विरोध के साथ-साथ उसके सम्मान में कमी न हो। इस पर भी ध्यान देने के पश्चात् में सहमति दी जाती है।
- क्या निगम में संविधान की किताब की स्थापना के पूर्व ड्राइंग डिजाईन की अनुमति ली थी।
- संविधान की किताब की स्थापना राजनांदगांव शहर के प्रमुख मार्ग के प्रमुख चौराहा डॉ. अम्बेडकर चौक पर जिस किताब का निर्माण किया गया है। साथ ही चौपाई पर स्थापित किया गया है वह भी गलत है किसी भी ग्रंथ / संविधान की किताब को सम्मान से रखा जाता है। किन्तु यहां पर किताब को खड़ा रख कर दर्शाया गया है। जो कि संवैधानिक अपमान की श्रेणी में आता है। इस कारण से उक्त स्थान से वर्तमान में स्थापित किताब को हटाकर नये सिरे से विधिवत् अनुमति प्रदान कर स्थापित करें। इस हेतु राशि की यदि आवश्यकता हो तो मैं अपने पार्षद निधि से 25,000/- रू. राशि की घोषणा करती हूँ।

