बारनवापारा अभयारण्य वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जंगल के अंदर स्थित खैर छापर स्थित वनभैसों के लिए बनाए गए बाड़े में रखा गया है। ये बाड़ा प्राकृतिक तौर पर हिरणों के रहने के लायक समझकर उन्हें वहां रख दिया गया।परन्तु, वहां एक काले हिरण की मौत हो गई। जिसका पोस्टमॉर्टम करवा कर उसका अंतिम संस्कार करवा दिया गया। पोस्टमॉर्टम करने वाले पशु चिकित्सक डॉ.लोकेश वर्मा ने बताया कि खाना नही पचने के कारण हिरण का पेट फूल गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। वही दूसरा हिरन देवपुर वन परिक्षेत्र के तहत आने वाले ग्राम पकरीद के मुहाने पर आवारा कुत्तों के काटने से मारा गया।इसका भी पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बारनवापारा अभयारण्य के जंगलों में पूर्व मे छोड़े गए दो काले हिरणों की मौत

