अल्पसंख्यकों को बंधुआ मजदूर समझने की गलती न करे सरकार : रिजवी


अल्पसंख्यक इदारों के गठन में जानबूझकर विलम्ब : रिजवी अल्पसंख्यकों को बंधुआ मजदूर समझने की गलती न करे सरकार : रिजवी

रायपुर। दिनांक 25/10/2021। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होते हुए अल्पसंख्यक इदारों के गठन में विलम्ब नाकाबिलेबर्दाश्त है। लगभग तीन वर्ष होने जा रहे हैं परन्तु अल्पसंख्यक इदार जैसे वक्फ बोर्ड, मदरसा बोर्ड एवं उर्दू अकादमी का गठन न किया जाना प्रदेश सरकार की अल्पसंख्यकों की उपेक्षा का ज्वलंत उदाहरण है। सबसे महत्वपूर्ण वक्फ बोर्ड के गठन के प्रति उदासीनता यह दर्शाती है कि प्रदेश की बेशकीमती वक्फ संपत्ति के रखरखाव एवं बेजा कब्जा मुक्त कराने की दिशा में लगभग तीन वर्ष से कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए। अल्पसंख्यक आयोग में ईसाई एवं बौद्ध प्रतिनिधि का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों की नियुक्ति न करना इन वर्गों की अनदेखी का परिचायक है। हज कमेटी के सदस्यों की अभी तक नियुक्तियां भी नहीं हुई है।

रिजवी ने कहा है कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों को बंधुआ मजदूर न समझे। इन वर्गों में भी जागरूकता आ चुकी है तथा अपने हक प्राप्ति के लिए जद्दोजहद करते हुए इन इदारों के गठन करवाकर ही दम लेंगे। प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने एक वर्ष के अन्दर ही सभी अल्पसंख्यक इदारों का गठन कर दिया था। भाजपा ने भी न चाहते हुए भी गठन की दिशा में देर नहीं की थी। इस दिशा में प्रदेश सरकार वक्फ बोर्ड सहित सभी बचे हुए इदारों एवं सदस्यों की नियुक्ति तत्काल कर सर्वधर्मसमभाव की मिसाल पेश करे।

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