महासमुंद वनमंडल में पदस्थ लिपिक की काली करतूत पकड़ी गई

महासमुंद वनमंडल में पदस्थ लिपिक को चोरी पकड़ी गई

महासमुंद ट्रैक सीजी वन मंडल में लगातार एक से बढ़कर एक कारनामे उभर कर सामने आ रहे है। जहाँ अधिकारी व कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करने में अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे है। किसी ने सच ही कहा है कि यदि आप जंगल के अंदर जाओगे तो जितना अंदर जाओगे उतना ही पनघोर जंगल मिलेंगे और जो पूर्व में की गई मामलों के अवशेष तो मिलेंगे ही। सामान्य वन मंडल महासमुद्र बना जंगल के लुटेरे यहा लुटेरों की तादाद भी बढ़ गई है। डीजल

चोरी करने के मामले में वन परिक्षेत्र एवं (बाइट) दिया है कि उक्त वाहन कार्यालय महासमुंद में पदस्थ निलेश मरम्मत हेतु दो माह से गैरेज में खड़ी कुमार यादव सहायक ग्रेड 03 लिपिक रही है। अगर गाड़ी दो महिनों से गैरेज द्वारा डीजल/पेट्रोल का फर्जी पर्ची में खड़ी रही तो डीजल जो लगातार काटकर बिगड़े वाहनों में डलवाया गया डला है व पूर्ण रूप से फर्जी है और यदि है। वाहन क्रमांक 6517 जबकि वह अगर डीजल डलकर गाड़ी दौड़ी है वाहन मरम्मत हेतु रायपुर रोड स्थित तो..? गैरेज में गाड़ी खड़ी थी और लाला मोटर बॉडी गैरेज में दो माह से मरम्मत कार्य हुआ है वह पूर्णरूप से खड़ी रही, उस बिगडे वाहन में शातिर फर्जी है सहित डीजल मरम्मत के नाम दिमांग का उपयोग करते हुये, डीजल पर कार्य का भुगतान हुआ है वह भी डलया गया और वाहन को भी सड़क पूर्णरूप से फर्जी है।

में दौड़ा दिया गया और चौकाने वाली सामान्य वन मण्डल में बड़ा ही झोल बात यह है कि, उक बिगड़े वाहन को झाल का खेल चल रहा है। उक्त चालक द्वारा भी बढ़ी सफाई पूर्वक वाहन क्रमांक 6517 एवं 7414 गाड़ी बिगड़े वाहन जूता-मोजा पहनाकर चली है तो कहा-कहा किस कार्य हेतु सड़क पर मार्च पास्ट करवाया गया। चली है। उसको लागबुक क्यों नहीं फैशन डिजाईन का सैर कराने के लिये संधारित की गई और यदि लागबुक महासमुंद वन सीमा क्षेत्रान्तर्गत सड़क संधारित क गई है तो पुष्टी करे। अंधेर पर सैर सपाटा करा दिया गया। उक नगरी चौपट राजा का किस्सा पढ़ने व वाहन गैरेज में खड़ा रहा तो कब वह सुनने को मिलता था किंतु आज तो डीडवाने गया था और कब दौरा देखने को मिल रहा है। लिपिक को किया गया तथा पुनः वापस गैरेज में आ डीजल पेट्रोल पर्ची काटने का सरदार गया गैराज संचालक द्वारा स्पष्ट स्टेटमेंट बना दिया गया, सरदार तो पूरी कंपनी

को ही दांव में लगा दिया स्थिती ऐसी प्रतीत हो रही है कि गाड़ी डीजल पिये या ना पिये परन्तु लिपिक के कलम ने पीने के लिये मजबूर कर दिया..? कहने पर भी कोई संदेह नहीं है। कमीशन खोरी का खेल लंबे अर्से से चल रहा है। बतादें कि वर्ष 2013-14 की भर्ती लिपिक ने इतना पैसा कमा लिया कि दस लाख रुपये कार मेंटेन कर रहे है क्या वेतन के भरोसे में यह सब संभव है। वेतन से कितना खाया, कितना बचाया, कितना शादी में उपयोग किया बहुत ही गंभीर विषय है। इस मामला कि जांच (आर्थिक अन्वेशण ब्यूरो) से कराने की मांग ट्रैक सौजी न्यून करेगा।

अगर वाहन क्रमांक 6517 एवं 7414 का सही ढंग से जांच नहीं किया गया। और तक सलत अधिकारी/ कर्मचारी को निलंबन नहीं किया गया तो मामले को शिकायत प्रधानमंत्री राज्यपाल, मुख्यमंत्री वनमंत्री, लोक आयोग, आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो से की जायेगी।

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