पटेवा गॉव में सोमवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से 41 बकरे-बकरियों की मौत हो गई।

🅾️ छत्तीसगढ़ के महासमुंद में सोमवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से 41 बकरे-बकरियों की मौत हो गई। इनमें 6 बकरे थे। दो चरवाहे उन्हें चराने के लिए ले गए थे। इसी दौरान बारिश होने पर दोनों थोड़ी दूर शेड के नीचे नीचे खड़े हो गए। बकरे-बकरियां भी एक इमली के पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान बिजली गिर पड़ी। हादसे से दोनों चरवाहों को करीब 2 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। फिलहाल सभी के शवों को वहीं दफना दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, पटेवा निवासी किशुन बघेल और परऊ यादव सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे बकरियां चराने के लिए माता देवाला सहदेव सोर्रा शमशान घाट के पास गए थे। इसी दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई। सारे बकरा-बकरी भागकर इमली पेड़ के नीचे खड़े हो गए। थोड़ी दूरी पर दोनों चरवाहे भी खड़े थे। तभी बिजली गरजी और पेड़ पर गिर गई। थोड़ी देर बाद जब बारिश बंद हुई तो दोनों चरवाहे बकरियों को बुलाने गए।
चरवाहे पेड़ के पास पहुंचे तो हैरान रह गए। वहां 41 बकरे-बकरियां मर चुके थे। उनके शव पेड़ के नीचे ही पड़े थे। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग से पटवारी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए। चरवाहों ने बताया कि वह 65 बकरे-बकरियां चराने के लिए लेकर आए थे। पटवारी ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया। अब वह विभाग को रिपोर्ट सौपेंगा। मृत बकरा-बकरियों को वहीं श्मशान घाट में दफना दिया गया है।

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