विभिन्न प्रकार की चिटफंड कंपनियों के निवेशक व एजेंटों के द्वारा कराई जा रही हैं दस्तावेज जमा
छत्तीसगढ़ सरकार का एडवाइजर जारी होने के बाद निवेशक व एजेंटों का जिले के कलेक्ट्रेट तहसील ब्लॉकों में उमड़ा जनसैलाब
ऊर्जाधानी भूविस्थापित संगठन ने सिस्टमैटिक तरीके से दस्तावेज जमा व दस्तावेज की पावती देने की जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर करेगी मांग
आज जिले के कलेक्ट्रेट तहसील ब्लॉकों में विभिन्न प्रकार की चिटफंड कंपनियों से अपनी गाढ़ी कमाई गवाने वाले निवेशक व एजेंटों ने छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा एडवाइजर जारी होने के बाद भारी संख्या में अपने-अपने दस्तावेज जमा कराने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 6 अगस्त तक जमा कराने की अंतिम तिथि निर्धारित किया गया है अंतिम तिथि होने के कारण निवेशक व एजेंटों ने अपना दस्तावेज जमा कराने को लेकर जूझना पड़ रहा है ।
उनका कहना है कि कुछ सालों पहले भी इस तरह का दस्तावेज थाना चौकियों में जमा करा चुके हैं लेकिन जमा कराने के उपरांत उस पर ना सरकार के द्वारा ना ही जिला प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया ऐसा लगता है कि पूर्ववर्ती सरकार ने इन छोटे-मोटे चिटफंड कंपनियों को राज्य में नेवता दिया गया उसके बाद कंपनियों के एजेंटों के माध्यम से गरीब मध्यमवर्गीयों से उनकी गाढ़ी कमाई के पैसे को इन कंपनियों में निवेश कराया गया और पूर्ववर्ती सरकार के नुमाइंदों द्वारा इन कंपनियों के खिलाफ विरोध कराया गया और उनके कार्यकाल में सभी चिटफंड कंपनियों को सील कर दिया गया निवेशक व एजेंटों को ऐसा लगता है कि वर्तमान सरकार के द्वारा अपने आपको ठगा व छलावा होने की बात कहीं जा रही है ।
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक गजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 25 मार्च 2021 को हरदीबाजार क्षेत्र के ग्राम रलिया पंचायत में भूविस्थापित अधिकार सम्मेलन संगठन के द्वारा किया गया था जिसमें 21 सूत्री जायज मांगों को लेकर एक मांग पत्र मुख्यमंत्री जी को सौंपा गया था इस मांग पत्र में प्रमुखता से चिटफंड कंपनियों के निवेशक व एजेंटों के गाढ़ी कमाई धन को वापसी करने की मांग रखा गया था तथा जिस तरह से निवेशक व एजेंटों से उनका दस्तावेज जमा कराया जा रहा है ना तो आवेदन की पावती दिया जा रहा है नाही निवेशक व एजेंटों को सही सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है ।
उनका कहना है कि कोरबा जिले में हजारों की संख्या में गरीब मध्यमवर्गीय की गाढ़ी कमाई को इन छोटे-मोटे चिटफंड कंपनियों में उनका पैसा को निवेश कराया गया और बाद में इन कंपनियों को सील कर दिया गया निवेशक व एजेंट अपने आपको ठगा व छाला हुआ महसूस कर रहे हैं वर्तमान सरकार ने चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में घोषणा किया था कि सरकार बनने के बाद निवेशक व एजेंटों की गाढ़ी कमाई के पैसा को वापस कराई जाएगी लेकिन ढाई साल से अधिक होने के उपरांत आज भी निवेशक व एजेंटों को अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे को खोने के बाद भी वर्तमान सरकार से उम्मीद और विश्वास बांधा हुआ है ।
ठाकुर जी ने संगठन की ओर से निवेशक व एजेंटों को सिस्टमैटिक तरीके से दस्तावेज जमा कराने व दस्तावेज की पावती देने की जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांग की जाएगी ।
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति

