कांग्रेस सरकार का किसान हित मे एक और फैसला जलकर माफ राजेन्द्र बंजारे प्रदेश सचिव कांग्रेस

कांग्रेस सरकार का किसान हित मे एक और फैसला जलकर माफ राजेन्द्र बंजारे प्रदेश सचिव कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने किसान हितैषी छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी के द्वारा 16 लाख किसानों के 6100 सौ करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण को माफ करते हुए किसानों को इस ऋण से मुक्ति दिलाने के बाद किसान हित मे फैसला लेते हुए 1 नवम्बर 2018 से खरीफ़ फसल सहित रवि फसल 2021तक 15 लाख किसानों का जल कर माफ कर दिया है जो स्वागत योग्य के साथ छत्तीसगढ़ के किसानों में खुशी की लहर है।
श्री बंजारे ने कहा कि किसानों को कर्ज के कुचक्र से मुक्ति दिलाये बिना किसानों और गांवों की स्थिति सुधारी नहीं जा सकती.इसलिए हमारी कांग्रेस सरकार ने मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 16 लाख किसानों का अल्पकालीन ऋण माफ किया था .आपदा में किसानों की परिस्तिथि को समझते हुए कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ के 15 लाख किसानों का अब जलकर माफ किया है जो निश्चित तौर पर किसान हित मे लिया गया फैसला है कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान के कटोरे के रूप में सम्मान दिलाने वाले अन्नदाताओं का यह हक है कि उन्हें धान का सम्मानजनक दाम मिले. मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी ने मंत्रि-परिषद की पहली बैठक में राज्य के किसानों से 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा पूरा किया. केंद्रीय पूल में चावल खरीदी की मात्रा बढ़ाने का निवेदन केंद्र की भाजपा सरकार से किया गया था, लेकिन केंद्र की भाजपा वाली मोदी सरकार ने नामंजूर कर दिया, ऐसी परिस्तिथि में भी माननीय मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जी ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना लाकर समर्थन मूल्य की अंतर की राशि को देने का फैसला लिया। पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र बंजारे ने कहा कि कृषि से संबंधित समस्त योजनाओं का लक्ष्य अन्नदाताओं का स्वावलंबन और खुशहाली हो इस उद्देश्य से कांग्रेस सरकार ने किसान कल्याण का लक्ष्य सदा प्राथमिकता में रखा है
कांग्रेस सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 25 सौ रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर चार हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है. इन फैसलों से किसानों तथा वनोपज पर आश्रित आदिवासी भाई-बहनों का आर्थिक सशक्तीकरण भी हुआ है।

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