गण और तंत्र के बीच की लड़ाई में और प्रधानमंत्री की ज़िद्द के बीच किसान पिस रहा है:-अमरजीत चावला, प्रदेश कांग्रेस सचिव,

गण और तंत्र के बीच की लड़ाई में और प्रधानमंत्री की ज़िद्द के बीच किसान पिस रहा है:-अमरजीत चावला, प्रदेश कांग्रेस सचिव,

महासमुंद..दिल्ली में घटी घटना पर बयान जारी करते हुवे प्रदेश कांग्रेस सचिव अमरजीत चावला ने कहा कल हुई घटना से पूरा देश और कांग्रेस पार्टी क्षुब्ध है क्यूँकि लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं के लिये कोई स्थान नही है
चावला ने कहा गण और तंत्र के बीच की लड़ाई में और प्रधानमंत्री की ज़िद्द के बीच किसान पिस रहा है ऐसे में मोदी सरकार को भी अहंकार के सिहासन से उतर कर किसान और मज़दूर की नयाय की गुहार सुननी चाहिये
पूर्व ज़िलाध्यक्ष अमरजीत ने कहा देश की राजधानी में सरकार की गोपनीय तंत्र की असफलता और ऐसा स्थान जो सामान्यदिनो में भी पूरी सुरक्षा में रहता है वहाँ आसानी से भीड़ का पहुँचना इस बात का इशारा करता है की लालक़िले वाली घटना पूरी तरह से इस पवित्र आंदोलन को बदनाम करने की साज़िश का हिस्सा था
कांग्रेस नेता ने जारी बयान में कहा की इस बात पर भी गौर करना होगा की ऐसी स्तिथि निर्मित क्यू हुई ,जो आंदोलन पिछले 60 दिनो से अपने 150 से अधिक किसानो की शहादत के बाद भी शांति से चल रहा था ,सरकार के लोगों भाजपा के नेताओ के भड़काऊ बयानो के बाद ,किसानो को बदनाम करने उन्हें आतंकवादी ख़ालिस्थनी कहने के बावजूद अहिंसक आंदोलन रुका नही कोई ग़लत घटना नही घटी , तो क्या विचलित हो के कल की घटना की साज़िश की गई ताकि आंदोलन को बदनाम कर अपनी गलती छुपाई जा सके
अमरजीत चावला ने पुलिस को संयमित व्यवहार में रहने के लिये साधुवाद और धन्यवाद देते हुवे कहा कि वो किसान ही थे इसलिए 5
लाख से ज़्यादा होने के बावजूद दिल्ली की सड़कों में अश्रु गेस और लाठी खाने बावजूद कोई अंबुलेंस नही रुकी किसी महिला के साथ छेड़खानी नही हुई किसी दुकान का ताला नही टूटा कोई मरा नही कोई दंगा फ़साद नही भड़का पर लालक़िले में जो आदमी पहुँचा वो वही आदमी था जिसकी फ़ोटो प्रधान मंत्री और गृहमंत्री के साथ देखी जा रही है
चावला ने कहा इस घटना से सरकार की साज़िश और पूर्ण विफलता प्रदर्शित हो गई है इसलिए उम्मीद नही की इस घटना की ईमानदारी से जाँच होगी इसलिए बेहतर होगा लाल क़िले को किराए में देने वाली सरकार जिसने बगेर किसी समिति के सामने रखे बगेर सर्वदलीय बैठक में बात किए बगेर चर्चा के राज्यसभा में जो बिल किसानो के विरोध में पास कराये उसे रद्द करे और कल की घटना की माफ़ी माँगते हुवे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिये और तत्काल तीनो काले बिलों को निरस्त कर एम एस पी पर क़ानून बनाये।
चावला ने कहा 9मार्गों पर ट्रेक्टर रैली निकली हज़ारों ट्रेक्टर सड़कों पर उतरे 7 मार्गों पर रैली शालीनता से निकली लोगों ने रैली पर फ़ुल भी बरसाये कोई गड़बड़ नही हुई पर लालक़िले और आइ टी ओ में ही गड़बड़ हुई यह भी जाँच का विषय है

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