आचार्य सूर्य प्रकाश शर्मा के द्वारा सोमवती अमावस्या के उपलक्ष पर कोरोनावायरस की समाप्ति के लिए विशेष पूजा अर्चना और हवन यज्ञ किया गगरेट के बाबा बालक नाथ मंदिर में
गगरेट, 14 दिसंबर : गगरेट नगर पंचायत के प्राचीन बाबा बालक नाथ जी के मंदिर में सोमवती अमावस्या पर सरबत विश्व के भले हेतु हवन यज्ञ करवाया गया। सर्वप्रथम उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए देवीलाल ने बताया कि इस तरह हर तरफ कोरोनावायरस को देखते हुए कमेटी के सदस्यों ने सर्व सहमति से निर्णय लिया था कि कोरोनावायरस की समाप्ति के लिए हवन किया जाएगा इस अवसर पर अचार्य सूर्य प्रकाश शर्मा द्वारा उपस्थित में मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों को यज्ञशाला मेंं बिठाकर सोमवती अमावस्या की विधिवत पूजा अर्चना की और यज्ञशाला में हवन यज्ञ आहुतियां डलवाई। इस दौरान अपने संबोधन में आचार्य सूर्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। यह वर्ष में लगभग एक या दो ही बार ही पड़ती है। इस अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है। इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का फल मिलता है। इस दिन विवाहित स्त्रियों द्वारा पीपल के वृक्ष की दूध, जल, पुष्प, अक्षत, चंदन इत्यादि से पूजा और वृक्ष के चारों ओर 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा करने का विधान होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का भी विशेष महत्व समझा जाता है। कहा जाता है कि महाभारत में भीष्म ने युधिष्ठिर को इस दिन का महत्व समझाते हुए कहा था कि, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने वाला मनुष्य समृद्ध, स्वस्थदिसं :बरसभी दुखों से मुक्त होगा। ऐसा भी माना जाता है कि स्नान करने से पितरों कि आत्मा शांति मिलती है। उन्होंने कहा वह दिन दूर नहीं जब पूरा विश्व कोरोनावायरस से मुक्त हो जाएगा हवन यज्ञ के समापन पर आरती करके आए हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। देवीलाल शांडिल , धनंजय , दिव्यांश गौतम , रुद्रांश ,सक्षम अंगिरास ,भावना , बिंदु ,रजनी ,अमृता उपस्थित थी।
हवन यज्ञ में आहुतियां डालते हुए कमेटी सदस्य।

