माकपा ने किया मजदूर आंदोलन के साथ एकजुटता का प्रदर्शन, कल बनाएंगे किसान श्रृंखला

माकपा ने किया मजदूर आंदोलन के साथ एकजुटता का प्रदर्शन, कल बनाएंगे किसान श्रृंखला

श्रम कानूनों को निरस्त करके 12 घंटे के कार्य दिवस थोपने, न्यूनतम वेतन और हड़ताल का अधिकार छीनने का प्रावधान करने वाली श्रम संहिता के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत संगठित और असंगठित क्षेत्र की देशव्यापी हड़ताल के साथ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ,किसान सभा, जनवादी महिला समिति ने आज एकजुटता व्यक्त करते हुए आंदोलनकारी मजदूरों के समर्थन में प्रदर्शन किया। कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा आहूत कल देशव्यापी किसान आंदोलन में जगह-जगह किसानों के प्रदर्शन होंगे और किसान श्रृंखलाएं बनाई जाएंगी।
माकपा ने आज की सफल आम हड़ताल के लिए जिले के मजदूरों और आम जनता को बधाई दी है।प्रदर्शन को माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, सूरती कुलदीप, किसान सभा के नंदलाल कंवर, जवाहर कंवर, जनवादी महिला समिति की प्रदेश संयोजक धनबाई ने संबोधित किया

माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा देश को कॉर्पोरेट गुलामी की ओर धकेलने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। दुनिया में आज कहीं भी 12 घंटों का कार्य दिवस नहीं है। न्यूनतम वेतन और हड़ताल के जरिये सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार मजदूरों ने पूंजीपतियों से लड़कर हासिल किया है। लेकिन आज फिर मजदूरों को दासता के युग में धकेला जा रहा है। देश की राष्ट्रीय संपत्ति को कार्पोरेटों की तिजोरियों में कैद करने के साथ ही अब मजदूरों से उनके जीवन और आराम करने का अधिकार छीनकर उसे कॉर्पोरेट मुनाफे के हवन-कुंड में झोंका जा रहा है। इसी प्रकार किसान विरोधी कानूनों के जरिये खेती-किसानी के अधिकार और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल दिया गया है। इसलिए मजदूर-किसानों का यह देशव्यापी संघर्ष आम जनता का संघर्ष भी बन गया है।

प्रशांत झा
जिला सचिव
माकपा

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