हाथरस सामूहिक बलात्कार पीड़िता के मौत की तीव्र निन्दा,

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में गत 14 सितंबर को एक 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ 04 सवर्ण जाति के लोगों ने उसे अगवा कर खेतों में ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया। बलात्कार के बाद वे उसे उसकी रीढ़ की हड्डी को तोड़कर और गले को रेत कर मृतप्राय छोड़कर चले गए। उत्तर प्रदेश पुलिस ने पहले घटना को अफवाह कहा फिर दुष्ट बलात्कारियों को बचाने में लग गई और जीवन के लिए संघर्ष कर रही लड़की को लेकर उनके परिजनों को प्रशासन की उदासीनता के चलते इलाज के लिए यहां वहां भटकना पड़ा। वहीं कल रात दिल्ली के हॉस्पिटल में पीड़िता की मृत्यु हो गई। उत्तर प्रदेश में संघ परिवार के मार्गदर्शन में चलने वाली घोर जनविरोधी अत्याचारी भाजपा की सरकार के राज में न्याय व्यवस्था को ताक पर रखकर तथाकथित उच्च जाति के दबंग व भूस्वामी वर्ग लगातार योगीराज की मदद से दलितों, आदिवासियों, महिलाओं व अल्पसंख्यकों पर जुल्म ढाए जा रहे हैं। साफ तौर पर कहा जाए तो उत्तर प्रदेश की सरकार ही उपरोक्त हाशिये पर रहने वाले वर्गों/समुदायों के खिलाफ पुलिस प्रशासन के जरिए युद्ध छेड़ दिया है। पिछले एक माह के दरम्यान मात्र एक जिला बहराइच में ही दलित समुदाय की लड़कियों पर यौन अत्याचार बलात्कार के कई घटनाएं सुर्खियों में छाई हुई हैं। न सिर्फ उत्तर प्रदेश का महिला व अनुसूचित जाति जनजाति आयोग बल्कि केंद सरकार के उक्त दोनों आयोग मूक बधिर बनकर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री की तारीफों के पुल बांधते नहीं अघाते। और राज्य में रामराज्य स्थापित हुआ है, प्रचारित किया जाता है। उसी रामराज्य में दलितों, उत्पीड़ितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, गरीबों मेहनतकशों का जीवन सबसे ज्यादा असुरक्षित, सबसे ज्यादा संकट में है। तीस पर योगी प्रशासन ने विशेष जन सुरक्षा के नाम पर पुलिस को निरंकुश बनने की खुली छूट दी, जिसके तहत विरोधियों को बिना वारंट बिना तलाशी वारंट के तलाशी व गिरफ्तार किया जा सकेगा। दूसरी ओर राज्य में खुले तौर पर तथाकथित उच्च जाति के दबंगों अपराधियों का राज है। जाति उन्मूलन आंदोलन इस दरिंदगी की घटना और उत्तर प्रदेश सरकार की मनुवादी जनविरोधी रवैये की तीव्र निंदा करता है।साथ ही पीड़िता के परिजनों को पूर्ण सुरक्षा व क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करता है। यह भी मांग करता है कि दुष्ट बलात्कारियों को कठोर दंड दिया जाय व दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाय। 

ऐसे भयावह कृत्य को लेकर भी आज केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार और राज्य की योगी आदित्यनाथ की सरकार मौन है जिसका सीधा आशय अपराधियों को संरक्षण देना है जिसके विरोध में युवा कांग्रेस एवं एन.एस.यू.आई के साथियों द्वारा रायपुर युवा कांग्रेस महासचिव अमित जांगडे जी के नेतृत्व में आज धरसींवा विधानसभा के ग्राम बरबन्दा में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन कर नारेबाजी की गई और मृतका बहन मनीषा वाल्मीकि के हत्यारों को फाँसी देकर उसे इंसाफ दिलाने की मांग की गई ।।
पुतला दहन में विशेष रूप से एन.एस.यू.आई. पूर्व उपाध्यक्ष धरसींवा विधानसभा सूर्यप्रताप बंजारे ,विजय बंजारे,एन. एस. यू. आई. धरसींवा महासचिव चंद्रशेखर भारती, मुकेश वर्मा, संदीप चेलक,योगेश बघेल, सूर्या भारती ,ललित गेंड्रे,अजय बंजारे, सूर्यकान्त बंजारे,अजय गोयल,जामेश कौशल,जय विश्वकर्मा,धर्मेंद्र वर्मा,सेरसिह बघेल,अमन सोनवानी,राहुल भारती,कोमल बंजारे,विकास बंजारे,पंकज गजेंद्र,कोमल बंजारे, ओमप्रकाश भारती, ज्वाला प्रदास बंजारे, नीतीश, दीपक बंजारे आदि भारी संख्या में शामिल थे।

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