रोक त्यौहारों व इबादतों पर नही बल्कि भीड़ पर है, सामाजिक दायित्वों के साथ मनाई जाएगी बक़रीद:- सैय्यद इम्तियाज़ हैदर
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन सैय्यद इम्तियाज़ हैदर जी ने सभी प्रदेशवासियो को “ईद उल अज़हा” के मुबारक मौके पर मुबारबाद पेश करते हुए कहा है कि ईद उल अजहा (बकरीद) मुसलमानों के मुख्य त्योहारों में से एक है। त्याग और बलिदान का यह पर्व इस साल एक अगस्त 2020 को मनाया जाएगा लेकिन, इस साल की बकरीद थोड़ी अलग रहेगी, क्योंकि देश इस समय कोरोना के कहर से जूझ रहा है, अभी रोक त्यौहारों और इबादतों पर नही बल्कि भीड़ पर है।
सैय्यद इम्तियाज़ हैदर जी ने बताया कि प्रदेश के मुखिया मा. श्री भूपेश बघेल जी ने ईद उल अज़हा और रक्षाबंधन पर्व की बधाई देते हुए जनता से अपील की है कि घर-परिवार में रहकर ही त्यौहार मनाए, साथ ही सुरक्षा और बचाव के नियमों का पालन करने को कहा है जिस से की लॉक डाउन की स्तिथि से बचा जा सके। प्रदेश के मुखिया के संवेदनशील निर्णयों की वजह से ही आज छत्तीसगढ़ में कोरोना पीड़ितों का रिकवरी दर बेहतर है और मृत्यु दर काफी कम है, हम अनेक राज्यों से बेहतर कर रहे है।
कोरोना वायरस की वजह से आज सभी लोग घर पर रहने को मजबूर है मेरी प्रदेश के सभी मुसलमान भाइयो से दरख़्वास्त है कि कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है इसी वजह से अबकी बार बकरीद का त्यौहार एहतियाती तौर पर मनाए, सोशल डिस्टेंसिंग और शासन की एडवाइजरी का पूरी तरह से पालन करें और इसके साथ ही शासन की तरफ से जो पाबंदिया लगाई गई हैं, उनको ध्यान में रखें।
मास्क लगाए औऱ कहीं भी एक जगह पर इकट्ठे न रहे और कुर्बानी करते वक्त सभी एहतियाती कदम उठाएं,
अगर आप कंटेनमेंट जोन में रहते हैं तो कोई एक जगह निर्धारित कर लें और वहां जाकर कुर्बानी करें, लेकिन सरकार की तरफ से जो नियम बताए गए है उनका पूरी तरह से पालन करें।
साथ ही ख़ासतौर पर कुर्बानी करते हुए किसी तरह का कोई वीडियो न बनाएं।
सभी प्रदेश वासियो से गुज़ारिश है कि सामाजिक दायित्वों का पालन करते हुए , मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार सामाजिक नही बल्कि शारीरिक(फिजिकल) दूरी बनाकर खुशियों का पर्व मनाए जिस से कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में हमारा संघर्ष सार्थक साबित हो सके।

