राखी त्यौहार में चीन को 20 हज़ार करोड़ का नुकसान देगी CAIT, महिला सहायता समूहो से बनावाई जा रही भारतीय राखियां- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारवानी

राखी त्यौहार में चीन को 20 हज़ार करोड़ का नुकसान देगी CAIT, महिला सहायता समूहो से बनावाई जा रही भारतीय राखियां- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारवानी

रायपुर:- कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोशी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि कन्फेडेरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स कैट द्वारा ग्राम की महिलाओं को ग्राम में महिलाओं के साथ मिलकर राखी बनाने की विधियां की समग्र जानकारी एवं उनके सामानों की सूची, तथा अलग अलग डिजाइन प्रिंट एवं मोबाइल के माध्यम से देने का प्रयास किया जा रहा है । इस हेतु सभी सदस्यों को अवगत कराया गया है, इसको अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं एवं महिला सहायता समूह तक पहुचानें की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है, चीन से आयातित राखियों की जगह भारत एवं ग्रामीण महिलाओं के हाथों की बनी राखियाँ भाइयों के हाथों में बांधी जा सके।

महिलाओं के द्वारा बनाये गए उत्पादों को विक्रय के लिए कैट जो की व्यपारियों एवं व्यापारिक संगठनों का सबसे बड़ा अखिल भारतीय संगठन है, तथा प्रदेश व्यापारिक संगठनों से आह्वान किया है, की वे आगे आये एवं इसके लिए खरीद सेंटर हर तहसील, जिले में खोले ताकि समय से पहले इसका वितरण हो सके।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया की इस बार 3 अगस्त सोमवार को पूरे देश में राखी का त्यौहार मनाया जाएगा, ऐसे में हम राखी (त्।ज्ञभ्प् 2020) के खास अवसर पर घर में राखी बनाने का तरीका बता रहे हैं। हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला राखी का त्योहार , साल 2020 में 03 अगस्त दिन सोमवार के दिन हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।ऐसे में आज हम आपके लिए लेकर आएं हैं, राखी बनाने का तरीका एवं इसे आप दुकानदारों को बेचने हेतु दें।
कार्यक्रम के संयोजक राम मंधान ने बताया कि पिछले वर्ष इस सीजन में चीन से लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का सामान आयात हुआ था। जिसकी चपत इस बार चीन को लगना तय है।
इसके संयोजक श्री राम मंधान सह संयोजक श्री भारत जैन है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *