नेहरू नगर व्यापारी संघ ने नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी को संपत्ति कर मे की गई वृद्धि को वापस लेने एवं अंतर राशि समायोजित करने हेतु ज्ञापन सौंपा ।

नेहरू नगर व्यापारी संघ ने नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी को संपत्ति कर मे की गई वृद्धि को वापस लेने एवं अंतर राशि समायोजित करने हेतु ज्ञापन सौंपा ।

ज़ोन 1 के अंतर्गत व्यवसायिक क्षेत्रो में 45 % से अधिक की वृद्धि हुई है ,इससे पुनः गणना कर कम किया जाना चाहिए -देविंदर भाटिया ,अध्यक्ष नेहरू नगर व्यापारी संघ ।

3 जुलाई 2020,नेहरू नगर,भिलाई। नेहरू नगर व्यापारी संघ द्वारा निगम भिलाई द्वारा सम्पत्तिकर में वृद्धि को वापस लेने हेतु सुझाव पर निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी से चर्चा की , अध्यक्ष देविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि निगम द्वारा सम्पत्तिकर के दरों में वृद्धि मे सबसे अधिक ज़ोन 1 , नेहरू नगर के आवासीय सह व्यवसायिक परिसर क्षेत्र, प्रभावित होता आ रहा है I इस वर्ष 2020-21 के आवासीय एवं व्यवसायिक सम्पत्तिकर की गणना मे औसतन 45% से अधिक की सम्पत्तिकर मे वृद्धि हुई है I
मेमोरेंडम में समायोजित की जाने वाली राशि को समायोजित कर, वर्ष 2020-2021 के सम्पत्तिकर की गणना की जाने की मांग की है । 2018 – 2019 के लिए 50% की छूट प्रस्तावित थी , परंतु 2019 -20 मे 23% छूट मे भी 2018 – 2019 की अंतर राशि समायोजित नहीं हुई । कोषाध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने बताया कि आवासीय सह व्यवसायिक परिसर,नेहरू नगर में रु 12000/- से रु 27000/- प्रति वर्ष प्रति भवन सम्पत्तिकर की देय राशि होती है ,जिसमे अन्य शुल्क जैसे यूसर चार्जेस सम्मलित नही है ।2019-20 मे अतिरिक्त सम्पत्तिकर मे 27% की छूट दी जानी थी, ना की 2020 – 21 मे 20% की वृद्धि । इस तरह 27% की छूट एवं 20% की वृद्धि को वापस लिया जाना चाहिए I आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने आगामी सामान्य सभा में इन बिन्दुओ को रखने की सहमति दी । भाटिया जी का कहना है कि पूरा हिंदुस्तान कोरोना के दंश से छटपटा रहा है पूरे देश की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं , प्रदेश की सरकार द्वारा कई अच्छे कदम उठा कर सहायता एवं सहयोग कर बहुत सराहनीय कार्य किया जा रहा है ।ऐसे समय मे लगभग सभी वर्गो के व्यापार लगभग खत्म हो गए है ,घरो की आवक चरमरा सी गई है I छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए कार्यो के लिए धन्यवाद देते हुए निवेदन करते हैं कि आवासीय सह व्यवसायिक परिसर की समस्या को समझते हुए पूनः गणना कर सम्पत्तिकर का निर्धारण कर बढ़े हुए कर को वापस लिए जाने पर विचार करना चाहिए ।

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