मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी थानों को आदर्श थाना के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आदर्श थाना और आदर्श थाना प्रभारी योजना 1 जुलाई से शुरू की जा रही है। इसी कड़ी में डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज प्रदेश के 128 से अधिक थानेदारों से वीडियो कॉलिंग के जरिये एक साथ बात की। उन्होंने कहा कि जो भी आदर्श थाना के तय मापदंडों पर खरा उतरेंगे उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।
अवस्थी ने सभी थाना प्रभारियों को बताया कि आदर्श थाना के कुछ मापदंड तय किये गये हैं। जैसे थानों में आमजन के साथ थाना प्रभारी और अन्य स्टाफ का व्यवहार
कैसा है। पीड़ित व्यक्ति, महिलाएं और बच्चे थानों में बैखौफ होकर अपनी परेशानी
कह पाएं। फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखें और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई की जाए। थाना में रिकॉर्ड का रखरखाव अच्छा हो। थाना परिसर का वातावरण ऐसा हो कि प्रवेश करते ही मन-मस्तिष्क में सकारात्मक प्रभाव पड़े। आदर्श थाना बनने के लिये सभी थाने आपस स्वस्थ्य प्रतियोगिता रखें जिससे ज्यादा से ज्यादा थाने आदर्श बन सकें।
इस अवसर पर एडीजी आर के विज, हिमांशु गुप्ता, दुर्ग आईजी विवेकानंद सिन्हा, रायपुर आईजी डॉ आनंद छावड़ा, एआईजी राजेश अग्रवाल, डीएसपी कवि गुप्ता
मुख्य रूप से उपस्थित रहे

