कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अंजीत जोगी के निधन पर गहरा दुख ब्यक्त करते हुए किया नमन।
छत्तीसगढ़ प्रदेश काँग्रेस कमेटी के सचिव एवम पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर दुख ब्यक्त किया। उन्होंने कहा कि
जोगी एक सक्षम प्रशासक थे जो राज्य और उसके लोगों के विकास को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था,
उनके प्रति मेरी संवेदना है। कांग्रेस प्रदेश सचिव ने बताया कि अजीत जोगी यह नाम छत्तीसगढ़ भूल नहीं सकता। उसे भूलना भी नहीं चाहिए। खास कर कांग्रेस को। । छत्तीसगढ़ के वे प्रथम मुख्यमंत्री थे। विकास की नींव उन्होंने ही रखी। कांग्रेस की राजनीति के वट वृक्ष थे। उनके साये में कईयों की राजनीति, बेल बनी । कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे बताया कि स्व. अर्जुन सिंह का यह शिष्य अर्जुन सिंह की तरह ही राजनीति का तेज योद्धा था। आज वो इस दुनिया को अलविदा कह गये। लेकिन वो आदिवासियों के दिल से गये नहीं है। वे अंत तक आदिवासी की राजनीति करते रहे हैं। अपने आप को आदिवासी नेता मानते आए हैं। सतनामी समाज की निष्ठा उनके प्रति बड़ी गहरी थीं रहेगी।
वे बड़े जीवट और बुद्धिमान व्यक्ति थे। उनके जैसा राजनीतिक व्यक्ति छत्तीसगढ़ की राजनीति में मिलना मुश्किल है। वे छत्तीसगढ की राजनीति में धूमकेतु की तरह छाए रहे। व्हील चेयर में होने के बावजूद उनका यह कहना कि अभी वे तीस साल तक और जिएंगे। जाहिर सी बात है कि वे अपने आप को कभी शारीरिक रूप से अक्षम नहीं माने। उनका दिमाग मिसाइल की तरह बहुत तेज चलता था। कांग्रेस और बीजेपी के नेता जब तक सियासी चक्रव्यूह की मंत्रणा करते थे, सच तो यह है कि अजीत जोगी एक नजर में लोगों को पहचान लेते थे। राजनीति का यह योद्धा अपने चाहने वालों से दूर चला गया,लेकिन उनकी बातें एवम यादे बरसो तक सियासत की गलियों में घूमेगी।

