पंचायती राज के जनक भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय गांधी को शत शत नमन-कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन रायपुर पहुचकर पूर्व प्रधानमंत्री पंचायती राज के जनक स्वर्गीय राजीव गांधी जी को श्रद्धा सुमन अर्पिता किया। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने राजीव जी के जीवन परिचय के बारे में बताया कि 21 मई 1991 को, एलटीटीई की एक आत्मघाती हमलावर ने चेन्नई से 30 किलोमीटर दूर श्रीपेरुम्बुदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी। राजीव वर्ष 1991 के लोकसभा चुनावों के दौरान वहां कांग्रेस के लिए प्रचार करने गए थे जब भीड़ में खड़ी हमलावर ने उनके सामने आकर खुद को बम से उड़ा दिया। राजीव गांधी भारत के 7 वें प्रधानमंत्री थे और उनका जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ था। वर्ष 1984 में वे 40 साल की उम्र में देश के प्रधामंत्री बने। पढ़ाई के लिए राजीव गांधी देहरादून के वेलहम बॉयज़ स्कूल और हिमालय की तलहटी में स्थित दून स्कूल गए। हायर एजुकेशन के लिए राजीव कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए, लेकिन जल्द ही वे लंदन के इंपीरियल कॉलेज में शिफ्ट हो गए। उन्होंने वहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की लेकिन किसी कारण से अपना कोर्स पूरा नहीं कर पाए। राजीव गांधी को संगीत में बहुत रुचि थी। उन्हें पश्चिमी और हिंदुस्तानी शास्त्रीय और आधुनिक संगीत पसंद था। उन्होंने दिल्ली लौटकर फ्लाइंग क्लब से पायलट की ट्रेनिंग ली और 1970 में पायलट के रूप में उन्होंने इंडियन एयरलाइंस में काम करना शुरू किया। जब उनके छोटे भाई संजय गांधी की 23 जून, 1980 को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हुई, तो वे राजनीति में शामिल हो गए और अपने भाई की सीट अमेठी से चुनाव लड़ा।कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने बताया कि 1981 में राजीव गांधी को भारतीय युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 31 अक्टूबर, 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही अंगरक्षकों ने कर दी, तब राजीव देश के प्रधानमंत्री बने। 1984 में कांग्रेस ने राजीव गांधी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस को 400 से ज्यादा सीटें मिलीं। यह देश के इतिहास में लोकसभा चुनावों में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आगे बताया कि राजीव गांधी ने देश के विकास में बहुत योगदान दिया। राजीव गांधी को भारत के सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति का जनक भी माना जाता है। उन्होंने न केवल दूर संचार के क्षेत्र में देश को नई दिशा दी, बल्कि देश में कन्प्यूटर युग की शुरुआत भी उन्होंने ही की। राजीव जी ने पंचायती राज को सशक्त करने सत्ता का विकेंद्रीकरण कर पंचायतो को अधिकार सम्पन्न बनाया। इसलिए राजीव जी को पंचायती राज ब्यवस्था का जनक मानते हैं।

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