प्रदेश में लंबे अरसे बाद कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी हैं पूर्व की सरकार में जाति प्रमाण पत्र स्कूल स्तर पर बनाए जाने की योजना में छात्र-छात्राओं को काफी असुविधा पिछली वर्षो में हुई है। मिसल रिकॉर्ड निकालने के लिए ऑफिस दफ्तर रिकॉर्ड रूम के चक्कर काटने में छात्र-छात्राओं एवं पालकओ के पसीने छूट जाते हैं जिसके चलते काफी मानसिक आर्थिक शारीरिक परेशानियों का सामना करना पडा है। परमानंद जांगड़े ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि जिस प्रकार आरटीआई के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को निशुल्क जानकारी प्रदान करने का प्रावधान है उसी अनुरूप गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग समुदाय परिवार के छात्र छात्राओं को निशुल्क मिसल रिकार्ड उपलब्ध कराने की योजना सरकार को करने का आग्रह किया है लोगों को नहीं सरकार से नई उम्मीदें हैं कि छत्तीसगढ़ी यों का सरकार है सरकार से आम जनता स्वच्छ निर्मित समतामूलक प्रशासन की उम्मीद करती है प्रदेश की प्रशासनिक एवं शासन व्यवस्था को आम जनता मुख्य रूप से जनपद पंचायत कार्यालय नगर पंचायत नगर निगम अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पटवारी कार्यालय तहसील कार्यालय थाना में ही अधिकांश जान अपने कार्यों के लिए मुख्य रूप से इन्हीं संस्थाओं मैं आना जाना पड़ता है लाजमी है कि आम जनता सरकार की शासन एवं प्रशासन की कार्यों का आकलन इन्हीं संस्थाओं की कार्यप्रणाली से करती है लेकिन हालात अभी वर्तमान स्थिति में सरकार के प्रति व्यवस्था आम जनता के अनुकूल नहीं है लोगों को काफी असुविधा तथा परेशानियों का सामना करना पड़ता है जहां व्यवस्था तथा पारदर्शिता स्वक्ष प्रशासनिक व्यवस्था के सुधार की आवश्यकता है प्रदेश की सरकार इस दिशा में बहुत सी कार्य को पूरी पारदर्शिता एवं ऑनलाइन सिस्टम से जोड़कर व्यवस्था सुधारने की दिशा में प्रयास कर रही है जाति प्रमाण पत्र के स्कूलों में बनाए जाने की योजना में पूर्व की सरकार मैं जो व्यवस्था की गई थी जिसमें पालकों को रिकॉर्ड रूम से 50 साल पुरानी रिकॉर्ड लाकर जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रिकॉर्ड स्कूलों में जमा किया जाना था जो पूर्व की व्यवस्था से जाति प्रमाण पत्र बनवाने में कोई बदलाव नजर नहीं आती है परमानंद जांगड़े पूर्व जिला पंचायत सदस्य इस दिशा में सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं एवं पालको को निशुल्क मिसल रिकॉर्ड स्कूल में ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए जिससे लोगों को हो रही असुविधा और परेशानी से निजात मिल सके सरकार लाख दावे करें लेकिन जो व्यवस्था है उससे लोगों को काफी असुविधा परेशानी होती ही है इसकी वास्तविकता आरंग तहसील क्षेत्र के जो आंकड़े बता रही है जिसमें 2500 प्रकरण आज भी लंबित है । जाति प्रमाण पत्र बनवाने में जो व्यवस्था है वह सरकार एवं प्रशासन की किरकिरी कराती है लाजमी है सरकार एवं प्रशासन के प्रति जो गुस्सा जाति प्रमाण पत्र बनवाने के दरमियान सरकार एवं प्रशासन के प्रति निचली स्तर के खराब व्यवस्था से लोगों का गुस्सा सातवे आसमान में होती है। जो उस व्यवस्था से गुजरते हैं वही इस पीड़ा को अच्छे से महसूस कर सकती है जिसको लेकर इस व्यवस्था पर लगाम लगाने एवं सरकार के प्रति लोगों के प्रति सकारात्मक सोच के के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी को पत्र लिखकर इस कठिन समस्या को लेकर प्रदेश के सभी वर्गों के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले पालक छात्र-छात्राओं को स्कूल स्तर पर ही मिसल रिकॉर्ड निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग किया है
राज्य सरकार से अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग समुदाय के गरीबी रेखा के जीवन यापन करने वाले परिवार के छात्र छात्राओं को निशुल्क मिसल रिकार्ड उपलब्ध कराने की मांग ●●●●●परमानंद जांगड़े

