मैदान: कहानी उस फुटबॉल कोच की जिसने कैंसर से जूझते हुए देश को दिलाया गोल्ड मेडल

की हालिया रिलीज फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही है और इसने अब तक 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है। लोगों ने इस फिल्म को काफी पसंद किया है। अब अजय एक बार फिर चर्चा में हैं और वह हैं अपनी आने वाली फिल्म ‘मैदान’ के कारण। एक दिन पहले ही ‘मैदान’ का टीजर पोस्टर रिलीज किया गया है जिसमें कुछ फुटबॉल खिलाड़ी कीचड़ से भरे में हाफ पैंट्स पहने कुछ प्लेयर्स फुटबॉल के साथ नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो अजय देवगन फिल्म में फुटबॉल कोच की भूमिका में होंगे।

कौन थे फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीमभारतीय फुटबॉल टीम के कोच और मैनेजर रहे सैयद अब्दुल रहीम को फुटबॉल जगत में खासा सम्मान हासिल है। भारतीय फुटबॉल के स्वर्णिम काल में ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए उन्हें ही श्रेय दिया जाता है। रहीम को एक फाइटर माना जाता है जिसने कैंसर से जूझते हुए भी अंतराष्ट्रीय जगत पर गोल्ड मेडल दिलवाया था। सैयद अब्दुल रहीम 1950 से 1963 तक इंडियन नैशनल फुटबॉल टीम के कोच और मैनेजर रहे थे।

भारतीय फुटबॉल टीम को पहुंचाया ऊंचाई परसैयद अब्दुल रहीम का जन्म 17 अगस्त 1909 में हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने अपना करियर हैदराबाद सिटी पुलिस के कोच के तौर पर किया था। इसके बाद जब उनकी टीम नैशनल लेवल पर बेहतरीन प्रदर्शन करने लगी तो उन्हें 1950 में इंडियन नैशनल फुटबॉल टीम का कोच बना दिया गया। उस दौर में भारतीय खिलाड़ी नंगे पैर फुटबॉल खेला करते थे। ये रहीम ही थे जिन्होंने इंडियन टीम को जूते पहन कर फुटबॉल खेलना सिखाया और दुनिया की मजबूत टीमों में खड़ा कर दिया।

जब 1956 ओलिंपिक्स के सेमीफाइनल में पहुंची टीमयह भारतीय फुटबॉल का स्वर्णिम दौर था। साल 1951 के एशियन गेम्स में भारतीय टीम गोल्ड मेडल जीता। रहीम की सफलता का सर्वोच्च शिखर था जब भारतीय टीम 1956 के ओलिंपिक्स में सेमीफाइनल तक पहुंच गई। हालांकि सेमीफाइनल में टीम को हार का सामना करना पड़ा लेकिन टीम का उत्साह देखने लायक था। इसके बाद साल 1962 के एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता।

कैंसर से जूझ रहे रहीम ने जिता दिया गोल्डजिस समय 1962 में जकार्ता एशियन गेम्स खेले जा रहे थे तब भारतीय टीम के कोच सैयद अब्दुल रहीम कैंसर से जूझ रहे थे। भारतीय टीम का फाइनल मैच साउथ कोरिया की टीम से होना था। यह टीम बहुत मजबूत थी और भारतीय टीम के दो खिलाड़ी घायल और गोलकीपर बीमार थे। हलांकि यह कोच का ही जुझारूपन था कि ये तीनों ही खिलाड़ी फाइनल खेलने उतरे और भारत ने मैच 2-1 से अपने नाम करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया। भारतीय टीम की जीत के अगले साल 1963 में ही सैयद अब्दुल रहीम की कैंसर से जूझते हुए मौत हो गई।

नवंबर में होगी रिलीजफिल्म ‘मैदान’ को बोनी कपूर, आकाश चावला और अरुणावा जॉय सेनगुप्ता प्रड्यूस कर रहे हैं जबकि इसका डायरेक्शन ‘बधाई हो’ फेम डायरेक्टर अमित रविंद्रनाथ शर्मा कर रहे हैं। फिल्म मे पहले कीर्ति सुरेश थीं रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी जगह अब प्रिया मणि राज ने ले ली है। मूवी 27 नवंबर 2020 को रिलीज होगी।

Source: Bollywood

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *