
पूर्व जुंटा नेता प्रयुत चान-ओ-चा सरकार के अगुवा हैं और उन्हें सेना के प्रति निष्ठावान सांसदों से भरी संसद का समर्थन प्राप्त है। इस दौड़ की अगुवाई बिल्कुल गैर सैन्य राजनीतिक दल के करिश्माई अरबपति नेता थानथोर्न ने की। इस राजनीतिक दल पर भंग होने का खतरा मंडरा रहा है। थानथोर्न का सांसद का दर्जा वापस ले लिया गया है और वह कानूनी आरोपों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने इस दौड़ से पहले कहा, ‘आप सरकार को लेकर लोगों की नाराजगी और निराशा का अनुभव कर सकते हैं। मैं समझता हूं कि यह थाईलैंड में जनरल को बदलने की दिशा में पहला कदम है।’ पिछले साल चुनाव के बाद प्रयुत सेना द्वारा नियुक्त सीनेट के समर्थन से सत्तासीन हुए थे। संसद में उनके पास बहुत कम अंतर से बहुमत है और उन्हें बिगड़ती अर्थव्यवस्था एवं पूर्व बुर्जुग जनरलों के शासन को लेकर लोगों की बढ़ती नाराजगी से दो चार होना पड़ रहा है।
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