
बेटे ने अब मां से डेढ़ करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। पेशे से मेकअप आर्टिस्ट और पिटीशनर श्रीकांत सबनिस ने बताया, ‘अनजाने शहर में जानबूझकर छोड़ दिए जाने के कारण मेरा जीवन पूरी तरह कष्ट और मानसिक प्रताड़ना में बीता है। इसके लिए मां आरती महासकर और उनके दूसरे पति (सबनिस के सौतेले पिता) को हर्जाना देना होगा।’
मां थी बेहद महत्वाकांक्षी
पिटीशन के मुताबिक, आरती की पहली शादी दीपक सबनिस से हुई थी और फरवरी 1979 श्रीकांत का जन्म हुआ। उस वक्त दोनों पुणे में रहते थे। पिटीशन में कहा गया है कि आरती बेहद महत्वाकांक्षी थी और फिल्म उद्योग में काम करने के लिए मुंबई आना चाहती थी।
बच्चे को ट्रेन में छोड़ा
सितंबर 1981 में आरती ने बच्चे को साथ लिया और मुंबई के लिए रवाना हो गई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुंबई पहुंचने के बाद महिला ने बच्चे को एक ट्रेन में छोड़ दिया और वहां से चली गई। इसके बाद रेलवे के एक अधिकारी ने बच्चे को एक बाल गृह में भेज दिया।
13 जनवरी को सुनवाईयाचिका में हाई कोर्ट से श्रीकांत की मां को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह स्वीकार करे कि सबनिस उसका बेटा है और उसने दो साल की उम्र में उसे अकेला छोड़ दिया था। इस पिटीशन पर जस्टिस ए के मेनन 13 जनवरी को सुनवाई करेंगे। बता दें, श्रीकांत पिछले 20 साल से फिल्म इंडस्ट्री में बतौर मेकअप मैन काम कर रहे हैं।
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