सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री ली क्वान यू ने कहा था कि “असरदार लोकतंत्र के लिए स्मार्ट वोटर चाहिये

सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री ली क्वान यू ने कहा था कि “असरदार लोकतंत्र के लिए स्मार्ट वोटर चाहिये”। रोहतक लोकसभा क्षेत्र इसका बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है। ये उदाहरण बीते कल दीपेंद्र हुड्डा के रोहतक शहर में प्रचार के दौरान झलका भी। चुनाव आते ही सवाल ये खड़ा होता है,वोट किसे दें। विकास की जगह जाति धर्म में फंस जाते हैं या फिर उदासीन हो जाते हैं। हमें समाज के हालात,युवाओं की समस्या व भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। चुनाव में जाति की बात करने वाले नेता से परहेज करें। ये लब्बोलुआब रोहतक शहर में निकल कर आया। हरवीर सैन कहते हैं,2017-18 में बेरोजगारी की दर 6.1 प्रतिशत रही जो 45 साल में उच्चतम है।एक स्मार्ट वोटर इस बारे में सोचता है। युवा रनेश गुप्ता कहते है,उच्चशिक्षा व रोजगार के बीच बढ़ती खाई की वजह से शिक्षा व्यवस्था केवल ग्रेजुएट पैदा कर रही है। रोहतक के वीर गुलाटी कहते है,गरीबी की तश्वीर बड़ी है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 21.2 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं। 2030 में गरीबी खत्म करने का लक्ष्य है। ऐसे सवालों को लेकर रोहतक में स्मार्ट वोटर का जन्म हुआ है जो जाति-धर्म के झांसे से हटकर विकास को वोट दे रहा है। एक सर्वे में ये स्मार्ट वोटर दीपेंद्र हुड्डा को विकास का सूचक मानता है। वे अकेले नेता है,जिनको जातिवाद छोड़ विकास के नाम वोट पड़ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ राव हरवीर सिंह अहीर कहते हैं,असरदार लोकतंत्र के लिए स्मार्ट वोटर की जातिवाद छोड़ विकास पर वोट की जो पहल रोहतक से हुई है,ये आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए शुभ संकेत हैं। दीपेंद्र हुड्डा का कराया गया विकास झलकता भी है।

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