ट्रंप के 'शांति संदेश' पर ईरान की चुप्पी

चिदानंद राजघट्टा, वॉशिंगटन
तो क्या ईरानी जनरल के मारे जाने के बाद अमेरिका और तेहरान के बीच तनातनी थम गई है? अमेरिकी राष्ट्रपति के ‘शांति पाठ’ के बाद दोनों देशों के बीच जंग की आहट फिलहाल टलती दिख रही है। ईरान द्वारा बुधवार को इराक में अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइल हमले के बाद पूरी दुनिया युद्ध की आशंका से सहम गई थी। ट्रंप के बयान के बाद ईरान की तरफ से अभीतक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और उसकी रहस्यमयी चुप्पी से फिलहाल अमन की आस कायम है। ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है।

ट्रंप का ‘शांति संदेश’
ट्रंप ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि ईरान पीछे हटता दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘ईरान के इराक में अमेरिकी अड्डों पर मिसाइल हमले में किसी अमेरकी सैनिक की जान नहीं गई और हमें इसका सुकून है। अर्ली वार्निंग सिस्टम ने ठीक तरीके से काम किया और हमारे सैनिक सुरक्षित जगह पर चले गए।’ ट्रंप ने ईरान के साथ शांति की पेशकश की और कहा कि ईरान के हमले का जवाब देने के लिए दूसरे विकल्प देख रहे हैं व आर्थिक प्रतिबंध लगाकर दंडित करेंगे। ट्रंप ने ईरान से शांति की पेशकश करते हुए कहा था, ‘अमेरिका उन सभी के साथ शांति के लिए तैयार है, जो शांति चाहते हैं।’

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ईरान ने साध रखी है चुप्पी
ट्रंप के शांति संदेश वाले बयान के बाद ईरान की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अपने नजरल सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान ने काफी तीखी प्रतक्रिया दी थी। कुद्स फोर्स के जनरल सुलेमानी को देश में दूसरा सबसे ताकतवर शख्स माना जाता था।

ईरान ने हमले को बताया था US के गाल पर तमाचा
बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अल खामनेई ने बुधवार को अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइल हमले को वॉशिंगटन के गाल पर तमाचा बताया था। उन्होंने कहा था कि हम अमेरिका को माकूल जवाब देंगे। ईरान ने तो दावा किया कि उसके मिसाइल हमले में अमेरिका के 80 सैनिक मारे गए। हालांकि अमेरिका ने इसका खंडन किया।

पढ़िए, इराक में दो और रॉकेट हमला
इस बीच, इराक में अमेरिकी दूतावास के नजदीक आज भी दो रॉकेट दागे जाने की खबर है। इस हमले की किसी ने अभी जिम्मेदारी नहीं ली है। हमले में किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है।

ईरान ने चला बड़ा दांव?
खामनेई ने कहा था कि इराक से अमेरिकी सैनिक को वापस जाना चाहिए और इसके लिए वह कोशिश करेगा। एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा कि ईरान ने जान बूझकर एक ऐसी जगह को निशाना बनाया जहां किसी अमेरिकी की जान न जाए। उन्होंने कहा कि ईरान ने कम से कम नुकसान और चेतावनी के तौर पर मिसाइल हमले को अंजाम दिया। कथित तौर पर ऐसा कहा जा रहा है कि इराक को भी इस हमले के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बाद इराक ने इसके बारे में अमेरिका को बताया और वॉशिंगटन ने नुकसान से बचने के लिए एहतियाती कदम उठा लिए।

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अमेरकी सांसद बोलीं, ट्रंप को युद्ध से रोका जाए
इस बीच, अमेरिका की हाउस ऑफ रेप्रजेन्टटिव की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जंग नहीं हो इसके लिए मतदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध से रोका जाना चाहिए।

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ट्रंप के बयान के बाद बाजार में रौनक
ईरान के हमले के बाद पूरी दुनिया के शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में रौनक लौटी।

Source: International

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