चीन: जेल में बंद पादरी को नौ साल की सजा

पेइचिंग
चीन की एक अदालत ने एक अनाधिकारिक प्रोटेस्टेंट गिरजाघर के पादरी को साल की सजा सुनाई। वह पादरी जेल में बंद है और उसपर शासन के खिलाफ काम का मामला चल रहा था। आधिकारिक अदालती वेबसाइट पर की गई घोषणा के अनुसार, चीन के दक्षिण-पश्चिम चेंगदू शहर की एक अदालत ने पादरी वांग यी को ‘अवैध कारोबार करने’ का भी दोषी ठहराया।

पिछले साल सरकार ने वांग यी के ‘अर्ली रेन कोवेनेंट’ चर्च पर कार्रवाई की थी। अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान दिसंबर 2018 में वांग को हिरासत में लिया था। इस दौरान उसके ‘भूमिगत चर्च’ के कई सदस्य लापता हो गए थे। चीन की आधिकारिक रूप से नास्तिक सरकार अपने नियंत्रण के बाहर किसी भी संगठन की गतिविधियों को लेकर चौकन्ना रहती है। वहीं प्रोटेस्टैंट ईसाई धर्म की एक शाखा है। इसका उदय सोलहवीं शताब्दी में प्रोटेस्टैंट सुधारवादी आन्दोलन के फलस्वरूप हुआ। यह धर्म रोमन कैथोलिक धर्म का घोर विरोधी है।

चीन में ईसाई समुदाय के लोग अनाधिकारिक/भूमिगत गिरजाघरों और सरकार से मान्यताप्राप्त गिरजाघरों के बीच बंटे हुए हैं। सरकार से स्वीकृति वाले गिरजाघरों में कम्यूनिस्ट पार्टी के गीत भी बजाए जाते हैं। ‘अर्ली रेन कोवेनेंट’ चर्च उन ‘‘भूमिगत’’ गिरजाघरों में से एक है जिसे चीन सरकार ने 2018 में धर्म खासतौर से इस्लाम और ईसाई धर्म के अनुयायियों पर कार्रवाई के तौर पर बंद किया था।

Source: International

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