
राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के पदकधारी सतीश ने नरेंदर पर विभाजित फैसले में जीत दर्ज कर स्थान सुनिश्चित किया। इन दोनों के अलावा सचिन कुमार ने बृजेश यादव पर जीत से 81 किग्रा में टीम में जगह बनाई। इस वर्ग में एशियाई रजत पदक विजेता सुमित सांगवान को भी भाग लेना था लेकिन उन्हें डोप परीक्षण में विफल होने के बाद एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया।
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अन्य नतीजों में राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता विकास कृष्ण ने आशीष कुल्हेरिया पर सर्वसम्मत जीत से फाइनल में प्रवेश किया। इस साल के शुरू में चोट के कारण विकास ने पेशेवर सर्किट पर ब्रेक लगाने का फैसला किया। हाल में दक्षिण एशियाई खेलों के चैंपियन का सामना सोमवार को फाइनल में दुर्योधन नेगी से होगा जिन्होंने नवीन बूरा को विभाजित फैसले में हराया।
राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदकधारी गौरव सोलंकी (57 किग्रा) ने भी कविंद्र सिंह बिष्ट को विभाजित फैसले में हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब सोलंकी का सामना मोहम्मद हसमुद्दीन से होगा जिन्होंने सचिन सिवाच को बाहर किया।
नवीन कुमार ने 91 किग्रा में गौरव चौहान के खिलाफ शुरुआती मुकाबला जीता लिया और अब वह नमन तंवर के सामने होंगे। अमित पंघाल (52 किग्रा) और मनीष कौशिक (63 किग्रा) ने पहले ही सितंबर में वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतकर अपना टीम में स्थान सुनिश्चित कर लिया था। पंघाल ने सिल्वर जबकि कौशिक ने ब्रॉन्ज जीतकर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के मानदंड को पूरा किया था।
Source: Sports

