
कलबुर्गी
कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में इस सदी के अंतिम से जुड़े का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कलबुर्गी के ताजसुल्तानपुर गांव में सूर्य ग्रहण के दौरान तीन दिव्यांग बच्चों को गांववालों ने गर्दन तक मिट्टी में दफना दिया। इसके पीछे बच्चों के माता-पिता की मान्यता है कि ऐसा करने से इन बच्चों की अपंगता दूर हो जाएगी और वे भी सामान्य बच्चों की तरह जीवन बिता पाएंगे।
कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में इस सदी के अंतिम से जुड़े का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कलबुर्गी के ताजसुल्तानपुर गांव में सूर्य ग्रहण के दौरान तीन दिव्यांग बच्चों को गांववालों ने गर्दन तक मिट्टी में दफना दिया। इसके पीछे बच्चों के माता-पिता की मान्यता है कि ऐसा करने से इन बच्चों की अपंगता दूर हो जाएगी और वे भी सामान्य बच्चों की तरह जीवन बिता पाएंगे।
इन दिव्यांग बच्चों को सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद ही गांववालों ने गड्ढे से बाहर निकाला। इस घटना की तस्वीरें और विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे गांववाले छोटे बच्चों को जमीन खोदकर गर्दन तक उन्हें गड्ढे में दफना रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस घटना की आलोचना भी कर रहे हैं।
कई मान्यताएं प्रचलित
गौरतलब है कि सूर्य ग्रहण को लेकर देश में तरह तरह के अंधविश्वास प्रचलित हैं। इस अवसर पर अलग-अलग हिस्सों में विशेष तरह की पूजा अर्चना की जाती है। यह भी कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
Source: National

