
पीएम ने कहा, कभी चर्चा नहीं हुई लेकिन…
प्रधानमंत्री ने रविवार को दिल्ली की एक रैली में सीएए को एनआरसी से बिल्कुल अगल बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी दोनों मुद्दों पर अफवाह फैलाकर मुस्लिमों को भड़काने में जुटी है। हालांकि, हकीकत यह है कि गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूरे देश मे एनआरसी लागू करने की बात कही थी।
शाह और नड्डा ने क्या कहा था?
शाह ने 9 दिसंबर को नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कहा था कि मोदी सरकार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए देशभर में एनआरसी निश्चित रूप से लागू करेगी। वहीं, नड्डा ने पिछले हफ्ते प्रदर्शनों के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि देशभर में सीएए के साथ-साथ एनआरसी भी लागू होगी। शाह ने झारखंड में चुनावी रैली के दौरान भी कहा था कि 2024 में अगले लोकसभा चुनाव से पहले देशभर में एनआरसी लागू कर दी जाएगी।
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आक्रामक प्रदर्शन ने कर दिया हैरान
कुछ बीजेपी नेताओं का कहना है कि जिस तरह सीएए के खिलाफ देशभर में हिंसक प्रदर्शन हुए, उससे वो हैरत में पड़ गए। उनका कहना है कि समाज के कुछ वर्ग और खासकर मुसलमानों में एनआरसी को लेकर हुई आशंकाओं ने भावनाओं के भड़का दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एनआरसी को सीएए से अलग बताकर माहौल में नरमी लाने की कोशिश की है। उन्होंने आक्रोशित वर्ग को यह कहकर शांत करने का प्रयास किया कि सरकार में अभी तक इसकी चर्चा भी नहीं हुई।
‘पीएम का संदेश साफ’
बीजेपी नेताओं ने एनआरसी के भविष्य को लेकर किए सवाल पर कहा कि रैली में मोदी के बयान का ‘संदेश’ साफ है। मतलब, निकट भविष्य में इस मुद्दे पर शायद ही कोई बात हो। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि बीजेपी ने अपने चुनावी अजेंडे में वादा किया हुआ है घुसपैठ रोकने के लिए विभिन्न चरणों में देशव्यापी एनआरसी लागू होगी। पीएम ने भी सरकार के स्तर पर एनआरसी को लेकर चर्चा नहीं होने के बात कही, लेकिन लगे हाथ यह भी कहा कि देश में घुसपैठ की गंभीर समस्या है।
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घुसपैठियों और शरणार्थियों में अंतर का हवाला
पीएम ने कहा कि घुसपैठिये कभी अपनी पहचान उजागर नहीं करते हैं। उनके उलट शरणार्थी अपनी पहचान कभी छिपाते नहीं। उन्होंने विपक्ष पर घुसपैठियों और शरणार्थियों में अंतर नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शरणार्थी पड़ोसी देशों में धार्मिक प्रताड़ना सहकर आरत आए हैं। बीजेपी के लिए एनआरसी प. बंगाल जैसे कुछ राज्यों का ट्रंप कार्ड है जहां जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। पार्टी लीडर ने कहा कि बीजेपी भले ही वह पूरे देश में एनआरसी लागू करने पर चुप्पी साध ले, लेकिन प. बंगाल में इसे लाने का प्रचार अब भी कर सकती है।
आलोचकों का आरोप
आलोचक सीएए और एनआरसी के प्रावधानों को भेदभावकारी बता रहे हैं। उन्हें संदेह है कि इन प्रावधानों के जरिए मुसलमानों को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि, बीजेपी ऐसे आरोपों को लगातार खारिज कर रही है। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर सीएए को लेकर झूठ बोलकर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि इस कानून के साथ-साथ एनआरसी का मुसलमानों समेत किसी भी धर्म के भारतीय नागरिकों का कोई लेनादेना नहीं है।
Source: National

