मुझे फांसी की सजा निजी बदले के लिए: मुशर्रफ

इस्लामाबाद/ दुबई
पाकिस्तान की विशेष अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य तानाशाह ने इसे बदले की राजनीति करार दिया।
मंगलवार को अदालत ने मुशर्रफ को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी और इस सजा के बाद उन्होंने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा देशभक्त रहे हैं और उन्हें उन्हें राष्ट्रद्रोह में सजा सुनाई गई। इस फैसले का पाकिस्तान में बहुत ताकतवर मानी जानेवाली पाक सेना ने भी विरोध किया है।

आपातकाल लगाने के अपराध में फांसी की सजा
अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद मुशर्रफ के समर्थकों ने देश के विभिन्न हिस्सों में उनके समर्थन में छोटी रैलियां निकाली। मुशर्रफ को संविधान को निष्प्रभावी बनाने और पाकिस्तान में नवम्बर 2007 में संविधान के खिलाफ जाकर देश में आपातकाल लगाने के लिए अदालत ने दोषी करार दिया। यह मामला 2013 से लंबित था, जिसके बाद पिछले दिनों इस पर फैसला आया। मुशर्रफ को राजद्रोह का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा दी गई है।

पढ़ें:2016 से दुबई में रह रहे हैं मुशर्रफ
पार्टी की ओर से जारी एक विडियो में मुशर्रफ ने कहा, ‘इस तरह के फैसले का कोई और उदाहरण नहीं है जब न तो प्रतिवादी को और न ही उसके वकील को अपनी बात रखने का मौका दिया गया हो। अदालत ने 2014 से 2019 के बीच उन पर मुकदमा चलाया और दुबई में बयान दर्ज करने के आग्रह को भी ठुकरा दिया।’ मुशर्रफ इलाज के लिए देश से बाहर गए थे और 2016 से ही वह दुबई में रह रहे हैं।

अदालत के फैसले पर पूर्व राष्ट्रपति ने उठाए सवाल
पूर्व सैन्य तानाशाह और सेना प्रमुख रहे मुशर्रफ ने कहा कि अदालत के फैसले पर सवालिया निशान है और इसमें कानून का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने
कहा, ‘मैं यह कहूंगा कि इस मामले की संविधान के तहत सुनवाई की कोई जरूरत नहीं थी। फिर भी उस पर सुनवाई हुई क्योंकि कुछ लोगों के मन में मेरे प्रति निजि प्रतिशोध की भावना है और एक व्यक्ति को इस मामले में निशाना बनाया गया।’ बिना किसी का नाम लिए हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके खिलाफ काम किया, वह आज बड़े-बड़े पदों पर हैं और उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने अदालत के फैसले के बाद लोगों और सशस्त्र बलों का उनका साथ देने के लिए आभार जताया।

पढ़ें : पूर्व सैन्य तानाशाह अपने वकीलों से कर रहे हैं चर्चा
पूर्व तानाशाह ने कहा कि वह अपने भविष्य का फैसला अपने वकीलों से बातचीत करने के बाद करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि न्याय होगा। उनके वकील पहले ही कह चुके हैं कि वह मौत की सजा को चुनौती देंगे। उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस स्थिति से निपटने के लिए अपने सलाहकारों से बात की है।

Source: International

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